गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर उमड़े रामकथा प्रेमियों के बीच जग विख्यात मानस कथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने शनिवार को बच्चों को भी मूल्यों, परंपराओं और आदर्शों का बोध कराया। उन्होंने बड़ों के आदर और माता पिता की सेवा का संदेश दिया। कहा कि जो माता-पिता का नहीं, वो राष्ट्र का भी नहीं हो सकता। वहीं, अभिभावकों को समझाया कि वह बच्चों को बड़ा होने से पहले मोबाइल न दें। मोबाइल की जगह प्यार-संस्कार और समय देने की कोशिश करें, ताकि उनको सही दिशा मिल सके।