Prayagraj News : कर्नलगंज इंटर कॉलेज के पुरा छात्र सम्मेलन में पुराने छात्रों को सम्मानित किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
विद्यालय की पढ़ाई, अनुशासन ने आज हमें बनाया है। विद्यालय का विकास होना जरूरी है, जिसके लिए सभी पुरा छात्रों को आगे आकर विद्यालय के विकास के अपना सहयोग प्रदान करना होगा। - डॉ. सपन श्रीवास्तव, कैंसर सर्जन
प्रधानाचार्य आरपी रस्तोगी की छह उंगलियां होती थी एक में चाभी और दूसरे में रूल रहता था। जिसको पकड़ते थे, कहते थे भागेगा, भाग, उनका यह डर असेंबली में भी बना रहता था। - आलोक विक्रम सिंह, लीगल हेड, बैंक ऑफ बड़ोदरा
हम लोगों ने जब अनुशासन को तोड़ा तो प्रधानाचार्य आरपी रस्तोगी ने तुरंत याद दिलाया कि अनुशासन क्या होता है। आज उन्हीं का अनुशासन सामने हैं कि यहां से निकले छात्र प्रशासनिक सेवा से लेकर हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। - अनुपस सिंह गहलोत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुजरात इंटेलिजेंस
आज पुरा छात्र में शामिल होकर मुझे काफी अच्छा लग रहा है। अपने पुराने दास्तों से मिलने के बाद यादें ताजा हो गई। कालेज के लिए कंम्यूटर की लैब स्थापित करूंगा, जिसमें शिक्षक की व्यवस्था करूंगा और एक सप्ताह में स्वयं क्लास लूंगा। - प्रोफेसर केके भूटानी, कंम्यूटर साइंस के पूर्व विभागाध्यक्ष
मेरी पूरी शिक्षा इस कालेज को समर्पित है। मैं 20 देशों का भ्रमण कर चुका हूं। मगर यहां से अच्छा कहीं नहीं लगा। यहां का अनुशासन, शिक्षा हमेशा याद रहेगी। - जनरल शांतनु चौधरी, वाइस चीफ ऑफ अर्मी स्टॉफ
1963 हाईस्कूल फस्ट डिवीजन पास होने के बाद कर्नलगंज इंटर कालेज से मेरे पिता जी के नाम पत्र आया था। जिसमें नि:शुल्क विद्यालय में मुझे प्रवेश के लिए कहा गया था। यहां पर हमेशा अच्छी छात्रों को प्रोत्साहित किया गया है और यहां का अनुशासन सबसे बेहतर है। - प्रोफेसर अरूण कुमार श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान