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60 साल बाद शिवरात्रि पर कालसर्प योग
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुक्रवार की शाम को आरंभ होगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन माता पार्वती का भगवान शिव के साथ विवाह हुआ था। इस पर्व पर 60 वर्ष बाद कालसर्प योग बन रहा है। ऐसे में राहु, केतु दोष से भी मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इस दिन शनि और चंद्र मकर राशि में होंगे। जबकि गुरु धनु राशि में, बुध कुंभ राशि में और शुक्र मीन राशि में रहेंगे। तीनों ही ग्रह इन राशियों में पहुंचकर महापराक्रमी हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग होने से सभी शुभ कार्य हो सकेंगे।