कोरोना वायरस के खौफ से लॉक डाउन के बीच हिंदू-मुसमान दोनों कौमों के लोग महामारी से मुक्ति के लिए जतन कर रहे हैं। वासंतिक नवरात्र की उपासना भी महामारी से मुक्ति पर केंद्रित हो गई है। प्रयागराज के देवी मंदिरों में महामारी से बचने के लिए दुर्गासप्तशती के मंत्रों से पुजारी विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, वहीं मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रात को छतों से बला टालने के लिए अजान शुरू हो गई है।
मीरापुर स्थित शक्तिपीठ ललिता देवी के गेट बाहर से बंद होने के बावजूद भीतर पुजारी महामारी से बचाव के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं। पांच पुजारी निरंतर दुर्गा सप्तशती के अलावा कवच और स्तोत्र का पाठ कर रहे हैं। इसी तरह मां कल्याणी देवी के धाम में भी कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से विशेष आराधाना की जा रही है। मंदिर के व्यावस्थापक पं श्याम जी पाठक ने बताया कि दुर्गासप्तशती में दिए गए महामारी रोकने और इसके शमन के मंत्रों का निरंतर जाप कराया जा रहा है। साथ ही राष्ट्र में सुख, शांति और समृद्धि के लिए मां से प्रार्थना की जा रही है।