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इसके अलावा परीक्षा नियंत्रक से उन छात्रों की सूची मांगी गई थी, जो 17 मार्च को परीक्षा में शामिल हुए थे। साथ ही राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष से वहां शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूची मांगी गई थी। हालांकि, प्रोफेसर की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब इन सूचियों को कोई महत्व नहीं रह गया है। लेकिन, प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण इविवि प्रशासन लॉक डाउन समाप्त होने के बाद अपने स्तर से भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।