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allahabad High Court : पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके बेटों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

Mon, 16 May 2022 08:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके चार बेटों ने अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सहारनपुर के मिर्जापुर थाने में दर्ज एफआईआर के खिलाफ अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने केलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी।
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पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल - फोटो : अमर उजाला
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके बेटों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें इतनी राहत जरूर दी है कि याचियों के द्वारा उन्मोचन अर्जी (डिस्चार्ज एप्लीकेशन) दी जाती है तो उनके खिलाफ दो माह तक कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।  यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की पीठ ने अफजल व चार अन्य की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है।


पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके चार बेटों ने अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सहारनपुर के मिर्जापुर थाने में दर्ज एफआईआर के खिलाफ अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने केलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। याचियों की ओर से कहा गया था कि अफजल, अलीशान के खिलाफ दो-दो आपराधिक मामले और जावेद के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं।
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जमानत अर्जी का अभियोजन ने किया कड़ा विरोध

हाजी इकबाल उर्फ बल्ला के खिलाफ चार और याची अब्दुल वाजिद के खिलाफ पूरा गैंग चार्ट है। हालांकि, सक्षम न्यायालय द्वारा याचियों के खिलाफ पहले से दर्ज आपराधिक मामलों में जमानत दी जा चुकी है। मामले में सरकारी अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया गया। कहा गया कि याची अपराधी प्रकृति के हैं।


उनका आपराधिक इतिहास है। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है। याचियों की ओर से राहत पाने केलिए हाईकोर्ट के समक्ष पहले भी अर्जी दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने कहा कि याचियों के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई अच्छा आधार नहीं प्रस्तुत किया जा सका। कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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