पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके बेटों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें इतनी राहत जरूर दी है कि याचियों के द्वारा उन्मोचन अर्जी (डिस्चार्ज एप्लीकेशन) दी जाती है तो उनके खिलाफ दो माह तक कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की पीठ ने अफजल व चार अन्य की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है।
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके चार बेटों ने अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सहारनपुर के मिर्जापुर थाने में दर्ज एफआईआर के खिलाफ अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने केलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। याचियों की ओर से कहा गया था कि अफजल, अलीशान के खिलाफ दो-दो आपराधिक मामले और जावेद के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं।