मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों के ताले सोमवार को सरकार की गाइड लाइन के तहत खोल दिए गए। मंदिरों में घंटे-घड़ियाल के साथ मंगला आरती की गई और श्रद्धालुओं को सैनिटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही मंदिरों में प्रवेश दिया गया। संगम पर पुरोहितों ने गंगा, यमुना, विलुप्त सरस्वती की सविधि आरती उतारी। जबकि, सिर्फ पांच लोगों के प्रवेश की अनुमति की वजह से मस्जिदों में बाजमात नमाज अदा नहीं की जा सकी। पहले की तरह इमाम के साथ चार अन्य लोगों ने मस्जिदों में पांचो वक्त की नमाज अदा की।
सोमवार को धार्मिक स्थल अनलॉक तो हो गए, लेकिन मंदिरों में पहले जैसी न भीड़ नहीं लगने दी गई। एक साथ लोगों को कतारबद्ध होकर मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कुछ श्रद्धालु फूलमाला और मिठाई का भोग लेकर पहुंचे, लेकिन बड़े हनुमान मंदिर, हनुमत निकेतन समेत अन्य मंदिरों में गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रतिमाओं पर चढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई। न तो भक्त प्रतिमाओं को स्पर्श कर सके और ना ही प्रसाद वितरण किया गया।