यूपी के अलीगढ़ में लॉजेस्टिक व सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या की तीन मूल वजह हो सकती हैं। पुरानी या पारिवारिक रंजिश? व्यापारिक रसूख? रंगदारी? मगर कारण क्या हैं? कौन करा सकता है? इन सवालों से अभी पुलिस काफी दूर है। इन्हीं तीन वजहों के बीच पुलिस कारणों और करने व कराने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके लिए पुलिस की पांच टीमों ने छह बिंदुओं से जुड़ी अदावतों को अब तक चिह्नित किया है, जिन पर ध्यान केंद्रित करते हुए सबसे पहले शूटरों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया है। उम्मीद है कि शूटरों तक पहुंच गए तो कराने वालों और कारणों से भी खुद-ब-खुद पर्दा उठ जाएगा। इसके लिए मोबाइल नंबरों की एक लिस्ट तैयार की गई है, जिनकी लोकेशन से लेकर कॉल डिटेल तक पर रिसर्च चल रहा है। उम्मीद है कि आने वाले एक या दो दिन में तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
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Sandeep Gupta Murder case
- फोटो : अमर उजाला
24 घंटे में पुलिस टीमों ने खंगाली संदीप से जुड़ी अदावतें
पश्चिमी यूपी के बड़े कारोबारी की हत्या के बाद जिला पुलिस बेहद दबाव में है। साथ में एटा में जिस कदर तनाव पनपा हुआ है, उसकी वजह से अलीगढ़ पुलिस और ज्यादा दबाव में है। मगर पुलिस एक-एक कदम फूंक फूंककर रख रही है। खुद डीआईजी दीपक कुमार व एसएसपी कलानिधि नैथानी एक-एक बिंदु की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत की अगुवाई में सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पांच टीमें खुलासे में लगाई गई हैं।
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परिवार के सदस्यों से बातचीत, साथ रहने वालों से पूछताछ के जरिये पुलिस ने अब तक संदीप से जुड़ी उन अदावतों पर काम किया, जिनकी वजह से हत्या हो सकती है। इनमें पिछले 24 घंटे में पुलिस टीमों ने छह अलग-अलग अदावतों को चिह्नित किया है। अब यह अध्ययन किया जा रहा है कि इन अदावतों में से कौन से ऐसे लोग हैं जो हत्या कराने तक का कदम उठा सकते हैं। इसके साथ ही शूटरों तक पहुंचने के लिए एक टीम को आगरा भेजा है।
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कुछ टीमें उन अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं, जहां संदीप के व्यापार के मुख्य केंद्र हैं। ताकि वहां से कुछ और तथ्य सामने आ सकें। एक टीम को इन सभी अदावतों से जुड़े लोगों, उनके करीबियों, उनके आपराधिक रिश्तों आदि को सूचीबद्ध करने के लिए लगाया गया है। ताकि इस सूची के आधार पर लोगों को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया जा सके।
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पिंका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी सुर्खियों में
पुलिस के जेहन में एक महत्वपूर्ण यह तथ्य भी है जो इस घटना के बाद से सुर्खियों में है कि गभाना क्षेत्र का रसूखदार व्यक्ति व पूर्व जिपं सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर संदीप के बेहद करीबी है। दोनों की जमीनी कारोबार में व्यापारिक संबंध भी हैं। जांच में यह सामने आया है कि कई मामलों में संदीप के कहने पर पिंका ने अपने रसूख के दम पर दखल देकर उनका निदान कराया है।
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चाहे वह रिश्तेदारी से जुड़ा विवाद हो या फिर गभाना पर फैक्टरी से जुड़ी जमीन का विवाद हो। या फिर कासिमपुर पर छुटभैये रसूखदारों से पैदा होने वाली दिक्कत हो। हर जगह पिंका ही संदीप की मदद में सामने आया और कहा जाए कि संदीप के सुरक्षा कवच के रूप में पिंका सामने आया। ऐसे में सवाल है कि पिंका पर हमला होने और उसके अस्पताल में होने के बाद ही संदीप की हत्या क्यों हुई। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए भी पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
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एसएसपी ने पुलिस टीमों को दिया टास्क
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मंगलवार दोपहर इस घटना की जांच टीमों में शामिल सभी सदस्यों की अपने कार्यालय में बैठक की। इस दौरान टीमों को अलग-अलग टास्क दिए गए। तय किया गया कि अब अगले 24 घंटे तक इन टॉस्कों पर पुलिस काम करेगी और फिर बुधवार शाम को इस विषय में अगली चर्चा होगी। उसमें आने वाले परिणाम और आने वाले तथ्यों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान टीमों से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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दिन में घंटों घटनास्थल पर चली लोगों से पूछताछ
दोपहर में एसपी सिटी, सीओ उस घटनास्थल पर भी गए, जहां सोमवार देर शाम घटना हुई थी। वहां पान वाले दुकानदार, चंदनिया के रहने वाले विनोद नाम के ढकेल पर फल विक्रेता व अन्य आसपास के लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी के एंगल खंगाले। इस दौरान बस इतना साफ हुआ कि हम लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी तो ध्यान दिया तो इतना देख पाए कि दो युवक हाथ में हथियार लिए भागते हुए नीली कार में बैठ गए और क्वार्सी की ओर भाग गए।
हमारी पांच टीमें इस घटना के खुलासे में लगी हुई हैं। व्यापारी संदीप गुप्ता की कुछ अदावतों को चिह्नित किया गया है। जिनमें कुछ लोकल, कुछ बाहरी व कुछ व्यापारिक समझ में आ रही हैं। उन्हीं पर काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द सफलता हाथ लगेगी। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी