हाथरस जिले के चंदपा कोतवाली इलाके की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और मौत के मामले में जातीय दंगे फैलाने की साजिश को लेकर एसटीएफ की जांच-पड़ताल जारी है। माना जा रहा है कि अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर इससे संबंधित कुछ और मुकदमों की विवेचना भी एसटीएफ कर सकती है।
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मथुरा पुलिस ने पकड़े चार संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
अभी एसटीएफ इस जिले के दो मुकदमों की ही विवेचना कर रही है। एसटीएफ वीडियो फुटेज आदि के माध्यम से भी कुछ लोगों को चिन्हित कर रही है। सूत्रों की मानें तो इनमें कई संगठनों के लोग भी शामिल हैं। बिटिया के प्रकरण की आड़ में जातीय हिंसा फैलाने की साजिश रचने का मुकदमा चंदपा थाने में दर्ज कराया गया था।
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पीएफआई के सदस्य
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यह मुकदमा राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में दर्ज है। इसके अलावा थाना चंदपा में ही कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करने का भी मुकदमा दर्ज है। इस समय दोनों मुकदमों की विवेचना शासन के आदेश पर अब एसटीएफ कर रही है। प्रदेश के कई जिलों में इसे मामले में मुकदमे दर्ज हैं। बिटिया की मौत के बाद जिले में कई स्थानों पर उपद्रव व हंगामे हुए। ऐसे में पुलिस ने दर्जन भर से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए।
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चंद्रशेखर आजाद
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इसमें भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद,, भाजपा नेता पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय प्रचारक पंकज धवरैय्या सहित कई नेताओं के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए। सूत्रों की मानें तो हो सकता है कि एसटीएफ अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर इन मुकदमों की भी विवेचना शुरू कर दे।
पीड़िता के घर फिर पहुंची एसआईटी की टीम
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वहीं सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ इस मामले में कुछ और लोगों को चिन्हित कर रही है। इसमें भीम आर्मी सहित कई संगठनों के लोग भी शामिल हैं। इसके लिए वीडियो फुटेज आदि लिए जा रहे हैं। राष्ट्रद्रोह के चारों आरोपी, जोकि मथुरा जेल में बंद है, उनसे भी एसटीएफ यहां के मुकदमे के सिलसिले में मथुरा जेल में जाकर पूछताछ कर सकती है।