Hathras Child Murder Case Update: हाथरस में प्रवक्ता की दो मासूम बेटियों के हत्यारों को फांसी की सजा सुनाई गई है। चार माह पहले यह घटना हुई थी। प्रवक्ता और उनकी पत्नी की भी जान लेने की कोशिश की गई थी। प्रवक्ता के भतीजे ने दुबई से सुपारी दी थी। हत्यारों में एक गांव रिश्ते का भतीजा और दूसरा उसका साथी है। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट राम प्रसाद सिंह ने आरोप तय होने के दो माह के भीतर फैसला सुनाया है।
Hathras News: हाथरस की विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट ने प्रवक्ता की दो मासूम बेटियों के हत्यारों को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट रामप्रताप सिंह ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की है कि जिस भरोसे से आश्रय दिया, अभियुक्तों ने उसी का कत्ल कर दिया। इस कृत्य से समाज पर यह प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है कि कोई भी व्यक्ति अपने रिश्तेदारों पर अविश्वास प्रकट करना शुरू कर देगा। विषम परिस्थितियों में उनकी मदद करने से पीछे हटेगा। उन्हें अपने घर में आश्रय देने से भी गुरेज करेगा।
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दो हत्यारों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद
फैसले में कहा है कि यह निर्विवाद रूप से स्वीकृत तथ्य है कि अभियुक्त 22 जनवरी को नौ बजे वीरांगना के घर पर आए थे। वीरांगना और उनके पति छोटे लाल, दोनों बच्चियां उनको अपना रिश्तेदार होने के नाते घर में आश्रय देकर सो गए थे। उनके द्वारा यह सोचा भी नहीं गया होगा कि वीरांगना के रिश्ते के भतीजे उनकी हत्या करने आएं हैं। वीरागंना की पुत्रियों की यह अंतिम रात है।
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हमले में घायल हुए थे दंपती(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
परिवार को अभियुक्तों व उनसे जुड़े सामाजिक रिश्तों पर उन्हें पूर्ण विश्वास था, लेकिन अभियुक्तों ने वीरांगना व उसके परिजनों के विश्वास का कत्ल कर दिया। अदालत ने कहा है कि वीरांगना का पति छोटे लाल घटना के लगभग एक वर्ष पहले से हुए लकवे से पीड़ित होने के कारण असहाय थे, हत्यारों ने वीरांगना की दोनों अबोध और निर्दोष बच्चियों की हत्या कर उनके वंश को नष्ट कर दिया और वीरांगना को असहाय बना दिया।
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मृतक बच्चियों की मां वीरांगना
- फोटो : संवाद
दोषियों के युवा होने और पुनर्वास के तर्क को किया खारिज
न्यायालय में अभियुक्तगणों के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया कि वह युवा हैं और समाज में उनके पुनर्वास की संभावना है। न्यायालय ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अभियुक्तों ने कुछ रुपयों के लालच में फतेहपुर से आकर अबोध बच्चियों की गर्दनों पर कई-कई जानलेवा चोटें पहुंचाकर बर्बरता पूर्वक निर्मम हत्या की गई है।
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मृतक बच्ची विधि का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
वीरांगना और छोटे लाल की गर्दन पर भी चोटें पहुंचाकर जान से मारने की कोशिश की है, घृणित कृत्य किया है। अभियुक्त की कम आयु सजा कम करने का एक मात्र आधार नहीं हो सकता है। इस तर्क पर विश्वास नहीं किया जा सकता है कि वह फिर से रुपयों के लालच में अपराध नहीं करेंगे।
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मृतक बच्ची सृष्टि का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक मृत्यु न हो जाए
विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट राम प्रताप सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों बच्चियों की निर्ममता से हत्या की गई, दोषियों तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए। हत्या की धारा में दोनों को मृत्यु दंड एवं 20-20 हजार रुपये से अंर्थदंड से भी दंडित किया है।
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वादी के अधिवक्ता यज्ञदत्त गौतम
- फोटो : संवाद
आपराधिक षडयंत्र के तहत दोनों को मृत्यु दंड एवं 20-20 हजार रुपये, जानलेवा हमले के प्रयास में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। आर्म्स एक्ट के मामले में एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास व एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड, एससीएसटी एक्ट की धारा में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया है।
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आशीर्वाद धाम कॉलोनी में दो बच्चियों की गला रेतकर हत्या(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कत्ल करते समय नहीं आया बच्चियों के प्रति दयाभाव
अदालत अपने फैसले में इस बात का भी उल्लेख किया है कि इनकी साजिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले से घर में आ गए। खाना खाया, चाचा-चाचा कहते रहे, लेकिन उनके मस्तिष्क में पल रहे पूर्व नियोजित प्लान में कोई बदलाव नहीं किया गया। न ही अबोध बच्चियों पर कोई दया आई।
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Hathras Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस: प्रवक्ता की दो मासूम बेटियों के हत्यारों को फांसी की सजा
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट ने आशीर्वाद धाम कॉलोनी में चार माह पहले हुई प्रवक्ता छोटेलाल गौतम की दो बेटियों सृष्टि (12) और विधि (6) की गला रेतकर हत्या करने के दो दोषियों विकास और लल्लू पाल को फांसी की सजा सुनाई है। इस घटना में छोटेलाल और उनकी पत्नी वीरांगना की भी जान लेने की कोशिश की गई थी।
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Hathras Murder
- फोटो : अमर उजाला
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा है कि अभियुक्तों के इस कृत्य से समाज पर यह प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है कि कोई भी व्यक्ति अपने रिश्तेदारों पर अविश्वास प्रकट करना शुरू कर देगा। अभियुक्तों का अपराध विरल से विरलतम की श्रेणी में आता है। दोषियों को मृत्युदंड की सजा देने के साथ अर्थदंड भी लगाया गया है।
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हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर फैला खून (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
भतीजे सोनेलाल ने दुबई से पूरे परिवार के खात्मे की दी थी सुपारी
प्रॉपर्टी कब्जाने के लिए प्रवक्ता के भतीजे सोनेलाल ने दुबई से पूरे परिवार के खात्मे की सुपारी दी थी और गांव के रिश्ते के भतीजे विकास ने अपने दोस्त लल्लू के साथ मिलकर वारदात की। 23 जनवरी की रात को पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। सोनेलाल के दुबई में होने के कारण उसके खिलाफ विवेचना अभी लंबित है।
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हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर जमा लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
छोटेलाल गौतम जिला फतेहपुर के जहानाबाद क्षेत्र के गांव किशनपुर कपली के रहने वाले हैं और चंदपा क्षेत्र के गांव मीतई स्थित जवाहर स्मारक इंटर कॉलेज में भूगोल विषय के प्रवक्ता के पद पर तैनात हैं। वह आगरा रोड स्थित आशीर्वाद कॉलोनी में मकान बनाकर रहे रहे हैं।
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हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर जमा लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
विकास और दोस्त ने किया था चाकू से हमला
इस मामले में गवाही के दौरान छोटेलाल की पत्नी वीरांगना ने बताया कि विकास निवासी किशनपुर कपली गांव के रिश्ते से उनके पति का भतीजा लगता है। वह अपने दोस्त लल्लू के साथ घटना वाली रात 9.10 बजे उनके घर पहुंचे और उनके घर पर रुके थे। रात करीब डेढ़ बजे विकास और उसके दोस्त ने पहले छोटेलाल पर चाकू से हमला किया। उसके बाद सृष्टि और विधि का चाकू से गला काट दिया।
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हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
इस दौरान वीरांगना की आंख खुल गई और विरोध करने पर उन पर भी हमला किया। वीरांगना भागकर गेट तक पहुंचीं और शोर सुनकर पड़ोसी भी एकत्र हो गए, जिसके बाद दोनों भाग गए थे। लहूलुहान दंपती को उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
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हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर जमा लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
ऐसे रहा घटनाक्रम
22 जनवरी की रात हुई थी वारदात
25 मार्च को न्यायालय ने संज्ञान लिया
29 मार्च को आरोप निर्धारित किए गए
28 मई को अदालत ने फैसला सुनाया
हाथरस में डबल मर्डर के बाद घटनास्थल पर जमा महिलाएं (फाइल फोटो)
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चंद रुपयों के लिए किया विश्वास का कत्ल : अदालत
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट राम प्रसाद सिंह ने फैसला सुनाते हुए बताया कि वीरांगना की अबोध बच्चियों से हत्यारों की कोई रंजिश भी नहीं थी। वीरांगना की अबोध व मासूम बच्चियों ने जीवन के विभिन्न रंग और संसार को ठीक प्रकार से देखा भी नहीं था। दोनों बच्चियां अपना प्राकृतिक जीवन भी ठीक प्रकार से प्रारंभ भी नहीं कर पाई थीं। विश्वास का कत्ल करके, रिश्तों को ताक पर रखकर चंद रुपयों के लालच में यह क्रूरतापूर्ण घटना कारित की गई है।