अलीगढ़ के क्वार्सी इलाके की रमेश विहार कॉलोनी में हुई मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पति सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में यह बात उजागर की थी कि बच्चों को मां की हत्या की जानकारी थी। मगर, उन्हें डराया गया था। इसलिए पुलिस की पहली पूछताछ में वे छिपा गए। सोमवार को खुलासे के दौरान यह सच सामने आ गया। बच्चों ने पिता की गिरफ्तारी के बाद यह राज उजागर किया कि उन्हें मां की हत्या की जानकारी थी। झगड़े के बाद घर से बाहर ले जाते समय पिता ने बता दिया था कि तुम्हारी मां की मौत हो गई है। मगर, उन्हें विकास व पवन ने डराया भी था, इसलिए उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया। गिरफ्तारी के बाद बच्चों के फिर से बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच में साफ हुआ कि हत्या के बाद दोनों बच्चों व तीनों आरोपियों को लेकर अरुण पहले अपने प्लांट पर गया। फिर वहां से अपने भाई तरुण के घर आया, जहां बच्चे छोड़े।
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सीसीटीवी में कैद बच्चे और हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान करीब आधा घंटे तक भाई के पास बैठकर पूरी बात बताई। फिर भाई से कहा कि रुपयों का इंतजाम कर लेना। साथ में किसी अच्छे वकील का इंतजाम भी कर लेना। एक दो दिन में मामला ठंडा होने पर वह कोर्ट में हाजिर होने आएगा।
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dr agrawal
- फोटो : अमर उजाला
अन्य नामजदों व संदिग्धों पर अभी जांच जारी
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि इस मामले में अभी अरुण का एक भाई व एक दोस्त नामजद हैं। जबकि कुछ अन्य संदिग्ध भी हैं। उनकी भूमिका को लेकर जांच जारी है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाएगी। उन सभी को क्लीनचिट नहीं दी जाएगी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
मनीष की भूमिका अभी तय नहीं
सीओ के अनुसार आस्था की हत्या के बाद सबसे पहले पुलिस को सूचना देने वाला मनीष चौधरी है, जो आस्था के परिवार के अनुसार करीबी ड्राइवर है। अरुण ने अपने बयान में उसे लेकर मारपीट आदि के सवाल खड़े किए हैं। चूंकि, उसकी ओर से अभी तक सीधा कोई अपराध करना नहीं पाया गया है। इसलिए अभी भूमिका तय नहीं है। बाकी जांच में जो सामने आएगा। उसके अनुसार तय होगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़-गाजियाबाद की पार्टी को बेचा माल
आस्था की प्लानिंग का ही यह हिस्सा था कि अरुण ने दो या तीन दिन पहले अपने प्लांट पर मौजूद 300 ऑक्सीजन सिलिंडर में से 250 सिलिंडर एक व 50 सिलिंडर एक अलीगढ़ व गाजियाबाद की पार्टी को बेचे थे। कुछ जगह से रुपया भी एडवांस लिया था कि आपको माल जल्द ही दिया जाएगा।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
नए मोबाइल से करीबियों को कॉल पर फंसा
13 और 14 अक्तूबर की दोपहर तक अरुण ने अपने किसी करीबी को संपर्क नहीं किया। मगर 14 अक्तूबर की शाम के बाद से अरुण व उसके साथ चंडीगढ़ तक गए अशोक उर्फ टशन ने अपने कुछ करीबियों को नए मोबाइल नंबर से कॉल किया। सभी से एक ही बात कही कि एक दो दिन में ठंडा होने पर वह कोर्ट में हाजिर हो जाएगा।
पुलिस इन करीबियों के नंबर चेक कर रही थी। इसी बीच अरुण का यह नया नंबर हाथ लगा और उसकी लोकेशन पर काम किया तो पुलिस उसके पीछे लग गई। मगर अशोक हाथ नहीं आया। पता चला कि अशोक अरुण के साथ चंडीगढ़ के बाद से अलग हो गया।