तारिक की मौत के बाद का माहौल
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तारिक 23 फरवरी से ही अस्पताल में भर्ती था। डॉक्टर बताते हैं कि तारिक की सांसें 10 मार्च से ही टूटने लगी थीं। हर लम्हा उसकी जिंदगी पर भारी पड़ रहा था। 10 मार्च को हालत नाजुक होने पर उसे वेंटीलेटर पर लाया गया था, जहां उसकी सांसें कमजोर होने लगी थीं। अलबत्ता, पिता मुनव्वर खान अपने परिजनों, रिश्तेदारों को बेटे की तबीयत में सुधार होने का दिलासा देते रहे।