अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या का मुकदमा पुरानी रंजिश को लेकर हुआ है। पुलिस शूटरों की तलाश कर रही है। बड़े भाई ने गांव से जुड़ी रंजिश में ही चार नामजद और तीन अज्ञातों पर मुकदमा कराया है। सांसद के करीबी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लगा है।
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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ के तालानगरी क्षेत्र में सांसद के करीबी भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष प्रॉपर्टी डीलर सोनू चौधरी (45) की हत्या में 36 घंटे बाद भी पुलिस को कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा है। हालांकि, पुरानी रंजिश में होने की बात सामने आ रही है। मृतक के बड़े भाई ने गांव से जुड़ी रंजिश में ही चार नामजद व तीन अज्ञातों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
हरदुआगंज क्षेत्र के तालानगरी से सटे गांव कोंडरा के शैलेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी का प्रॉपर्टी डीलिंग व ट्रांसपोर्ट का व्यापार था। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे सोनू अपनी क्रेटा कार से होकर गांव से निकले। गांव से 200 मीटर निकलते ही तालानगरी में गांव के मोड़ पर बाइक सवार दो युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। सोनू को कुल 7 गोलियां लगीं थीं।
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी के अनुसार इस संबंध में शनिवार सुबह सोनू के सबसे बड़े भाई देवेंद्र की ओर से तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में गांव के ही दो सगे भाई मेघराज उर्फ मेंबर व हरिओम, उनका भांजा यतेंद्र, मनीष को नामजद व तीन अज्ञात को आरोपी बनाया है। मुकदमे में कहा है कि जब सोनू गांव से निकला तभी हमलावरों ने उसकी गाड़ी को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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मौके पर जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वादी के अनुसार घटना के समय वह अपने पिता सरदार सिंह के साथ अपने कारखाने से जा रहा था। घटना होते देख उन्होंने सोनू को बचाने के इरादे से हमलावरों को ललकारा तो वे उन पर हमलावर हुए। बाद में वादी व उसके पिता पर फायरिंग करते हुए भाग गए।
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुकदमे में उल्लेख है इन नामजदों ने अन्य आरोपियों संग आपराधिक साजिश रचकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वर्ष 2015 में उनके भाई राजेश की भी हत्या की जा चुकी है। सीओ के अनुसार इस तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन नामजदों में मेघराज, हरिओम व यतेंद्र दस साल पहले हुई सोनू के बड़े भाई राजेश की हत्या में अदालत से आजीवन कारावास की सजा पा चुके हैं। अब कुछ समय से जमानत पर हैं।
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शैलेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रंजिश की ठंडी आग में मुकदमे से फिर उठा धुआं
गांव कोंडरा की दस वर्ष पुरानी इस रंजिश पर ध्यान दें तो प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद सरदार सिंह ने तालानगरी में एसवी रोलिंग मिल के नाम से सरिया, गार्डर बनाने की फैक्टरी शुरू की। इसका संचालन सरदार सिंह के चार बेटों देवेंद्र, राजेश, सोनू व संजय में से दूसरे नंबर का राजेश करता था। साथ में ट्रक खरीदकर ट्रांसपोर्ट व्यापार भी शुरू किया। जिसे सोनू संभालने लगा था।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरदार सिंह के बराबर में ही उनके गांव के खानदानी नवल सिंह ने भी अपनी एक फैक्टरी शुरू की। वहां उन्होंने बाहर ढाबा भी शुरू किया। उनके पास भी ट्रक थे। इस व्यापार को नवल सिंह के चार बेटे मेघराज, उर्फ मेंबर, हरिओम, लखपत, अजय देखते थे। यहां इनमें व्यापारिक प्रतिस्पर्धा शुरू हुई। तभी एक प्लॉट खरीदने को लेकर राजेश व मेघराज में तनाव शुरू हुआ।
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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या
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इसी तनाव के क्रम में 18 अप्रैल 2015 को राजेश की हत्या कर दी गई। इसमें चारों भाई मेघराज उर्फ मेंबर, हरिओम, लखपत, अजय व भांजा यतेंद्र जेल गए। कुछ माह बाद ही अजय व लखपत जमानत पर बाहर आ गए थे। तारीख पर जाते समय उनकी स्कार्पियो को 5 नवंबर 2015 को तालसपुर के पास ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें अजय व लखपत के अलावा रिश्तेदार की भी मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना खासी चर्चाओं में रही। बाद में अदालत ने 2023 में मेघराज उर्फ मेंबर, हरिओम व भांजे यतेंद्र को सजा सुना दी। अब इस मुकदमे ने इस रंजिश को फिर हवा दे दी है।
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शैलेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी की फाइल फोटो
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एक आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
सोनू की हत्या के कुछ घंटों बाद ही पुलिस मेघराज के घर पहुंच गई थी। मेघराज को घर से ही हिरासत में लिया। साथ में बताया कि हरिओम व यतेंद्र किसी काम से बाहर गए हैं मगर मेघराज ने पुलिस से खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसका या उसके परिवार का इस हत्या से कोई नाता नहीं। फिर भी पुलिस अभी मुकदमे में नामजदगी के चलते मेघराज से पूछताछ में जुटी हैं। अन्य परिजनों की भी तलाश की जा रही है।
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गाड़ी की सीट पर पड़ा खोखा
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हत्या के बाद कोंडार की आबादी से होकर दारापुर से भागे शूटर
बेशक परिवार ने मुकदमा पुरानी रंजिश में दर्ज कराया है मगर पुलिस इस हत्या में अभी उन शूटरों को तलाश रही है जो सोनू व इस इलाके के रास्तों से परिचित थे। अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि हत्या के बाद शूटर गांव कोंडरा की आबादी से ही होकर निकले थे। पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि शूटरों को सोनू से बात करते हुए भतीजे सुमित व गांव के पास ही बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर मौजूद दर्जनों लोगों ने देखा है।
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद
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इस घटना स्थल के बाद से लेकर कच्चे रास्तों व आबादी से जुड़े सभी सीसीटीवी पुलिस खंगाल रही है। कुछ जगहों के सीसीटीवी कैमरे में एक स्पलेंडर बाइक चिह्नित हो रही है। उसी आधार पर पुलिस संदिग्ध स्पलेंडर बाइक की खोज में भी जुटी है।इस हत्या के बाद काम कर रही पुलिस को सोनू से जुड़ा एक नया विवाद भी सामने आया है। हालांकि विवाद अपुष्ट है। खुद परिवार भी इस विवाद कोई बहुत तवज्जो नहीं दे रहा।
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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या
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सुबह क्वार्सी तक गया था सोनू
इस हत्या से पहले सोनू सुबह करीब 8 बजे अपने बड़े भाई जिनकी हत्या हो चुकी है, उनके क्वार्सी वाले घर तक गया था। वहां से भतीजे के साथ कहीं जाना था मगर उस समय भतीजे ने दो घंटे बाद चलने की बात कह दी। इसके बाद वह वापस घर आया है। फिर से वापस निकला है। तब हत्या हुई है।
अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या
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बेशक परिवार की ओर से पुरानी रंजिश को जोड़कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। हमारी जांच हर पहलू पर जारी है। सबसे पहले हमारी टीमें उन शूटरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं जिन्होंने हत्या की। वे सोनू व इलाके से परिचित हैं। उसके बाद ही कार्रवाई तय होगी। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। - अमृत जैन, एसपी देहात