फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: डबल मर्डर किया... फिर लाशों को कार में लेकर हाईवे पर घूमे, बॉबी और मोहित को दोस्तों ने इस कारण मार डाला

Sun, 28 Dec 2025 02:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

यूपी के अलीगढ़ जिले के खैर में कार में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। होटल संचालक और उसके साथी को पुलिस ने दबोच लिया है। जुए के कर्ज से बचने के लिए आरोपियों ने दोनों की हत्या की थी।
विज्ञापन
1 of 14
Aligarh double Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अलीगढ़ महानगर के खेरेश्वर हाईवे बाईपास के ओयो होटल संचालक बॉबी और उसके दोस्त मोहित की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने उनके दो दोस्त गिरफ्तार कर लिए हैं। जुए की रकम के कर्ज से बचने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आरोपियों के पास से खून से सने कपड़े, जूते और बाइक आदि बरामद हुए हैं। अभी उनका एक साथी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है।

एसएसपी नीरज जादौन ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि बृहस्पतिवार को खैर क्षेत्र में सोमना रोड के गांव उदयपुर के पास सड़क से उतरकर खड़ी रेनॉल्ट ट्रिबर कार नंबर यूपी 81 डीडी 5288 में दो शव मिले थे। पुलिस ने कार के शीशे तोड़कर दोनों शव निकाले। 
 
विज्ञापन

2 of 14
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार नंबर के आधार पर दोनों की पहचान बन्नादेवी के गांव ताजपुर रसूलपुर के बॉबी व मोहित के शवों के रूप में हुई। इनमें से बॉबी खेरेश्वर हाईवे पर बीके आर्या नाम से ओयो होटल का संचालक था, जबकि उसका पड़ोसी दोस्त मोहित एक कारखाने में काम करता था। जांच में उजागर हुआ कि बॉबी ने एक शाम पहले सारसौल के जमील से उसकी गाड़ी कहीं जाने के लिए भाड़े पर ली थी। 
 
विज्ञापन

3 of 14
मृतक बॉबी और मोहित के फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद बृहस्पतिवार को दिन में उसने होटल में एक पार्टी भी की। इसके बाद वे कार से कहीं गए, तभी इस हत्या को अंजाम दिया गया। एसएसपी के अनुसार घटना की जांच में सीसीटीवी, कार के जीपीएस व सर्विलांस लोकेशन की मदद से लोधा के गांव जिरौली डोर के दो युवकों धर्मेंद्र उर्फ धलुआ व बौस प्रताप सिंह उर्फ देव की पहचान हुई। दोनों की मृत बॉबी से दोस्ती की पुष्टि हुई।
 

4 of 14
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आखिरी बार इन दोनों का बॉबी के साथ कार में होना पाया गया। जीपीएस से कार व इन दोनों आरोपियों की लोकेशन का भी मिलान हुआ। संदेह के आधार पर जब इन दोनों को पकड़ कर पूछताछ हुई तो ये दोनों टूट गए और पूरी घटना स्वीकार कर ली। एसएसपी ने इस खुलासे में एसपी देहात अमृत जैन व सीओ वरुण कुमार की अगुवाई में शामिल रही पूरी टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
विज्ञापन

5 of 14
मृतक बॉबी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक लाख के कर्ज से बचने के लिए बनाया हत्या का प्लान
एसएसपी के अनुसार धर्मेंद्र की परचून की दुकान है, जबकि देव की जूते की दुकान है। दोनों जुआ खेलने के आदी हैं। बॉबी भी जुआ खेलता था। धर्मेंद्र पिछले दिनों जुए में रकम हार गया था। इसके लिए उसने बॉबी से ढाई लाख रुपये उधार लिया था। बलेनो कार बेचकर डेढ़ लाख रुपये तो उसने वापस कर दिए थे, मगर एक लाख रुपये शेष रह गए थे। जिसकी वापसी के लिए बॉबी धर्मेंद्र पर दबाव बना रहा था, बेइज्जती भी करता था। 
 
विज्ञापन

6 of 14
मोहित की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच धर्मेंद्र ने अपने लिए थार गाड़ी खरीदने की बात बॉबी से कही, तब बॉबी ने कहा था कि उसके गाजियाबाद में संपर्क हैं। वह वहां से उसे सस्ते दामों में गाड़ी दिलवा देगा, मगर उसे उसी दिन एक लाख रुपये वापस करने होंगे। 
विज्ञापन

7 of 14
आरोपियों के पास से बरामद सामान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मेंद्र ने इस पर सहमति जताई, मगर अंदरखाने बॉबी की हत्या की साजिश रचकर गांव के अपने साथी देव व गोंडा किनवासा के हरीश को इसमें शामिल किया। घटना वाले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे बॉबी को गाजियाबाद चलने के लिए राजी किया। वह अपने साथ मोहित को लेकर आया। महरावल के पास से धर्मेंद्र, देव व हरीश उन्हें मिले।
 

8 of 14
हत्या के बाद मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : पुलिस
हत्या कर लाश कार में लेकर हाईवे पर घूमे
दिल्ली हाईवे पर महरावल के पास हरीश ने ड्राइविंग सीट पर बैठे बॉबी को पीछे से गर्दन में गोली मार दी। इस बीच बगल की सीट पर बैठे मोहित को धमकाकर चुप कर दिया। बॉबी को दो गोली और मारीं। इसके बाद उसकी लाश को पिछली सीट पर पहुंचाया। बाद में तय किया कि अगर मोहित बच गया तो यह भेद खोल देगा। 

9 of 14
हत्या के बाद इसी कार में छोड़े गए थे दोनों के शव - फोटो : पुलिस
कुछ देर बाद मोहित की हत्या कर दी गई। इसके बाद धर्मेंद्र गाड़ी चलाकर और देव पीछे लाश के पास बैठकर हाईवे के रास्ते गभाना, सोमना होते हुए दोपहर दो बजे करीब उदयपुर पहुंच गए। हरीश उनके पीछे बाइक से पहुंचा। जहां गाड़ी को ठिकाने लगाकर हरीश की बाइक से तीनों वापस आ गए। हरीश ने देव व धर्मेंद्र को गभाना के पास छोड़ दिया। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह गायब मिला।
 

10 of 14
कार का निरीक्षण करते एसएसपी नीरज जादौन - फोटो : पुलिस
बॉबी के रुपयों में से 50 हजार भी उड़ाए
आरोपियों ने स्वीकारा कि घटना के वक्त बॉबी के पास करीब सवा तीन लाख रुपये थे। इसमें से वे 50 हजार रुपये निकाल लाए। जिसमें 25 हजार हरीश ले गया, जबकि 25 हजार इन दोनों के पास थे। 24 हजार पुलिस ने बरामद किए हैं।
 

11 of 14
हत्या के बाद मौजूद एसएसपी नीरज जादौन व अन्य पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
पार्टी में नहीं पहुंचे, बार-बार बॉबी को बुलाते रहे
आरोपियों ने बताया कि बॉबी ने अपने होटल में रात से ही कुछ दोस्तों संग पार्टी की। दिन में भी 11 बजे तक पार्टी चली। बॉबी उन्हें भी बुला रहा था, मगर वह नहीं गए। उल्टा बॉबी को साथ चलने के लिए बुलाते रहे। घटना के बाद से गायब रिसेप्शनिस्ट के विषय में उजागर हुआ कि उसके परिवार में गमी के चलते वह होटल पर नहीं आई थी।
 

12 of 14
कार में पड़े मिले थे दोनों के शव - फोटो : संवाद
फरार हरीश लाया तमंचा व गाड़ी ढकने को बोरे
इस घटना के लिए धर्मेंद्र का लापता दोस्त तमंचा लेकर आया था। बाद में गाड़ी खड़ी करते समय उसके शीशों को ढकने के लिए प्लास्टिक के बोरे भी वही लाया था।

13 of 14
गांव उदयपुर के पास दो शव मिलने पर पहुंचे थे पुलिस अधिकारी - फोटो : पुलिस
पुलिस गतिविधियों पर रखी नजर
घटना के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। पहले तो सीधे गांव ही पहुंचे। वहां पहुंचकर खून से सने जूते व कपड़े छिपाए। फिर कपड़े बदलकर इलाके में घूमकर जानकारी जुटाते रहे। पहले दिन पुलिस उन तक नहीं पहुंची। मगर अगले दिन ये दोनों पुलिस रडार में आ गए।
 
विज्ञापन

14 of 14
मृतक होटल संचालक व उसका दोस्त, पकड़े गए हत्यारोपी - फोटो : संवाद
150 से ज्यादा सीसीटीवी देखे गए
इस खुलासे के लिए पुलिस ने अलीगढ़ पलवल व अलीगढ़ गभाना रूट के 150 अधिक सीसीटीवी देखे। कार के जीपीएस के साथ-साथ धर्मेंद्र व देव के मोबाइल की लोकेशन का मिलान हुआ। धर्मेंद्र के नंबर से बॉबी को कई बार कॉल करना उजागर हुआ। शक गहराने पर इन दोनों को पकड़ा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें