अलीगढ़ में बवाल के बाद ग्रामीण ताले लगाकर गायब हो गए। घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। कुछ घरों में महिलाएं भी कैद नहीं निकलीं। बघेल समाज की आबादी वाले इलाके में लोगों की चहलकदमी जरूर देखी गई।
विज्ञापन
1 of 7
अलीगढ़ में प्रतिमा को लेकर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ के भीमपुर इब्राहिमपुर में मंगलवार शाम हुए बवाल के बाद घटनास्थल पर मौजूद भीड़ एकाएक गायब हो गई। आसपास के ग्रामीण तो दौड़ लगा ही गए। साथ में इस गांव के भी डा.आंबेडकर प्रतिमा समर्थित ग्रामीण घरों से ताले डालकर गायब हो गए। बवाल के बाद एसएसपी सहित पूरा अमला इन ग्रामीणों से संवाद के लिए दरवाजे दरवाजे पहुंचकर उन्हें पुकारता रहा। मगर कोई सामने नहीं आया। कुछ घरों में महिलाएं कैद थीं। मगर वे भी बाहर नहीं आईं। बाद में पुलिस गांव के बाहर आ गई और बवालियों को चिह्नित करने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
विज्ञापन
2 of 7
अलीगढ़ में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
सात बजे करीब हुआ घटनाक्रम तीस मिनट में पुलिस के बल प्रयोग पर शांत हो गया। बाद में कई थानों के फोर्स के साथ पीएसी भी पहुंच गई। ग्रामीणों के आक्रोश की स्थिति को भांपते हुए एसएसपी ने अनुसूचित आबादी वाले इलाके में पुलिस बल के साथ भ्रमण किया। साथ में लोगों से बातचीत करने का प्रयास किया। मगर अधिकांश घरों में ताले थे। कुछ घरों में अंदर महिलाएं थीं। मगर पुकारने पर वे भी बाहर नहीं आईं।
विज्ञापन
3 of 7
अलीगढ़ में प्रतिमा को लेकर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
हां, उससे कुछ आगे बघेल आबादी वाले इलाके में जरूर बुजुर्ग व बच्चे टहल रहे थे। उन्हें पुलिस ने घरों में जाने की हिदायत दे दी। बाद में एसएसपी गांव के बाहर घटनास्थल पर आए। जहां उन्होंने अधिकारियों व टीम से बात कर पहले उपद्रवियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसके लिए पुलिस टीम ने काम शुरू कर दिया है। देर रात एडीएम सिटी व एसपी सिटी की अगुवाई में आधा दर्जन थानों का फोर्स, पीएसी व कई सीओ, एसडीएम मौजूद रहे।
4 of 7
अलीगढ़ में वाहनों को लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के इलाकों में मचा हत्याकांड का शोर
जिस समय यहां पथराव व हवाई फायरिंग हुई। उस समय गोंडा रोड पर आवाजाही जारी थी। पुराने बाईपास से गोंडा को जाने वाले इस मार्ग पर शहर से काम कर लौट रहे लोग व दूध विक्रेता ही दिख रहे थे। बवाल को देख पुलिस ने कुछ देर को रास्ता रोक दिया। इस पर आसपास के इलाकों में हत्याकांड का शोर मच गया। मगर बाद में रास्ता साफ होने पर सही बात सामने आई।
विज्ञापन
5 of 7
अलीगढ़ में प्रतिमा को लेकर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
पंचायत चुनाव की तैयारी इस बवाल की जड़ तो नहीं
पुलिस प्रशासनिक अमला इस बवाल के बाद अब अनुमान लगा रहा है कि यह मुद्दा कहीं पंचायत चुनाव की तैयारी से जुड़ा तो नहीं। इसके पीछे वजह है कि पूर्व प्रधान अनुसूचित जाति से है, जबकि वर्तमान प्रधान लोध समाज से है। पूर्व प्रधान फिर से चुनाव की तैयारी कर रहा है। बघेल समाज से भी कुछ लोग चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। बस माना जा रहा है कि इसी लिए इस विवाद को तूल दिया जा रहा है।
विज्ञापन
6 of 7
बवाल के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
ये तो साफ है कि प्रतिमा गलत व नियम विरुद्ध लगाई गई। जब इस विषय पर वार्ता के सभी दौर पूरे कर लिए गए और बात नहीं बनी तो प्रतिमा हटवाई गई। रहा सवाल महापुरुष की प्रतिमा के प्रति आस्था का तो उन्होंने देश व संविधान के लिए काम किया। जो लोग इसकी आड़ में सियासत कर रहे हैं, वे गलत हैं। अब स्थिति नियंत्रित है। -संजीव सुमन, एसएसपी
आंबेडकर प्रतिमा हटाने पर बवाल, भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव..वाहन फूंके
अलीगढ़ से सटे रोरावर क्षेत्र के गांव इब्राहिमपुर-भीमपुर में रविवार की रात को लगाई गई आंबेडकर की प्रतिमा को पुलिस द्वारा हटाने पर मंगलवार की शाम को बवाल हो गया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। पथराव में इलाका एसएचओ सहित 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस कर्मियों की छह बाइकें और एक स्कूटी फूंक दी, पुलिस के चार पहिया वाहनों में भी तोड़फोड़ कर दी।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। हवाई फायरिंग भी की। इस दौरान भगदड़ में एक महिला घायल हो गई। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसएसपी समेत सभी आला अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।