यूपी के अलीगढ़ में भीषण हादसा हुआ। हादसे में कार सवार चार दोस्तों समेत पांच की जिंदा जलकर मौत हो गई। दिल्ली-कानपुर हाईवे पर कार और कैंटर की भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई थी।
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कार और कैंटर की टक्कर के बाद जले वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसे इत्तफाक कहें या अनहोनी का समय निश्चित होना। इस हादसे में जो चार दोस्त मारे गए, उनमें से एक अतुल पिता के डर से आ नहीं पा रहा था। तीन बार गाड़ी उसके ढाबे से वापस भी लौट गई। मगर चौथी बार जब कार वापस आई तो अतुल के पिता नहीं थे। बस तभी वह लपककर कार में सवार हो गया। वहीं जिस दोस्त का सोमवार को जन्मदिन मनाया गया था। उसने आने से इन्कार कर दिया। वरना इस कार में छह लोग सवार होते।
परिवारों से मिली जानकारी के अनुसार कार में चारों दोस्तों में से सिर्फ मयंक व सुमित को छोडक़र देव व हर्षित बारहवीं की पढ़ाई करने के बाद स्नातक में दाखिला ले चुके थे। मगर सभी के बीच अच्छी दोस्ती थी। सुमित अपनी मौसी के पास सिकंदराराऊ रहता था। वहीं ढाबे पर जॉब करने के चलते उसकी इन लोगों से दोस्ती हो गई थी। सोमवार को इनके एक अन्य दोस्त फेज उर्फ भुल्लर का जन्मदिन था। सभी ने रात को जन्मदिन मनाया।
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आग लगने के बाद ग्रामीणों से जान बचाने की गुहार लगाता कैंटर चालक राजेश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पार्टी के बाद रात करीब 12 बजे के आसपास इन्हें सिकंदराराऊ के पंत चौराहा के पास पुलिस ने भी रोका टोका था। इसके बाद देव को छोडक़र बाकी सभी अपने अपने घर पहुंच गए थे। मगर देव नहीं पहुंचा था। घर जाते समय इन सभी ने मंगलवार सुबह अलीगढ़ जाने व किसी दोस्त को जन्मदिन मनाने का प्लान बनाया। सुबह 5 बजे निकलना तय हुआ। मगर भुल्लर ने आने से इन्कार कर दिया।
सुबह सभी एकत्रित हुए। अतुल ने बताया कि वह कासगंज रोड पर अपने ढाबे पर ही मिलेगा। मगर चारों जब उसके ढाबे पर पहुंचे तो वहां उसके पापा थे। उन्हें देख चारों अतुल को बिना लिए वापस चले गए। ऐसा उन्होंने तीन बार किया। चौथी बार में अतुल के पापा नहीं दिखे तो इशारा मिलते ही अतुल तुरंत गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद कार ने गति पकड़ ली।
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कार को हटाती क्रेन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी अपने परिजनों को सुबह घूमने जाने की बात कहकर निकले थे, मगर इस हादसे की खबर के बाद परिवारों में कोहराम मच गया। दोपहर में जब चारों शव सिकंदराराऊ पहुंचे तो मयंक के घर उसकी मां को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था, वह बार-बार गश खाकर गिर जाती हैं। रिश्तेदार और पड़ोसी जैसे-तैसे उन्हें संभाल रहे हैं। वहीं हर्षित के परिवार का कहना था कि उन्हें पहले खबर पर विश्वास नहीं हुआ। गलती से उसकी जेब में दुकान के काउंटर की चाभी भी चली गई थी। उसका शव वापस आया।
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पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते अतुल के भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुमित ने कहा- मुझे नहीं मालूम क्या हुआ, होश आया तो मेडिकल में पाया
हादसे में घायल हुए सुमित ने पुलिस को पहले गलत बयान दिया। बाद में जब उसे साक्ष्य दिखाए गए तो वह सही बात बता पाया। अब देर रात उसने फिर बयान बदलते हुए कहा है कि उसे नहीं मालूम हादसा कैसे हुआ। गाड़ी अतुल चला रहा था। बस गाड़ी में चीख पुकार मची और वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो वह मेडिकल कॉलेज में था।
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हादसे के बाद कार्रवाई करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुमित ने सुबह पुलिस को पहले कार में न होने का बयान दिया था। बाद में उसने स्वीकारा था कि वह कार में था। फिर उसने सभी की पहचान भी बताई थी। अब देर शाम कुछ मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मी उसका हाल-चाल जानने पहुंचे तो उसने बातचीत में फिर अपना बयान बदला है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि उसे ही ड्राइविंग सीट से खींचा था।
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हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी बात उसने यह भी बताई कि जब एक्सीडेंट हुआ तो गाड़ी में चीख पुकार मच गई। उसके बाद वह बेहोश हो गया। उसके बाद उसे कुछ याद नहीं। फिलहाल पुलिस उसकी बात पर विश्वास नहीं कर रही है। एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि वह ड्राइविंग सीट पर था। इसकी पुष्टि प्रत्यक्षदर्शियों ने की है। बाकी अब वह बार-बार क्या कह रहा है। यह समझ नहीं आ रहा।
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हादसे के बाद गमगीन परिजन
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पढ़ने लिखने में अच्छे थे सभी
परिवारों के अनुसार अतुल ने बीए में तो हर्षित व देव ने बीएससी में दाखिला लिया था। तीनों ही पढ़ने लिखने में अच्छे थे। इसलिए परिवार की ओर से बहुत ज्यादा टोकाटाकी भी नहीं होती थी।
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अतुल की फाइल फोटो
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आधा घंटे की देरी से पहुंची अग्निशमन की गाड़ी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टोल प्लाजा से अग्निशमन की गाड़ी यदि समय रहते मौके पर पहुंच जाती तो कैंटर चालक की जान बचाई जा सकती थी। घटनास्थल से कीरतपुर टोल प्लाजा महज तीन किमी दूर है। वहां अग्निशमन और एंबुलेंस की गाड़ियां उपलब्ध रहती हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत ही हादसे की सूचना टोल प्लाजा पर दे दी, लेकिन वहां से अग्निशमन की गाड़ी आधा घंटे बाद पहुंची। लोगों का कहना था कि अगर यह गाड़ी पहले आ जाती तो कैंटर की आग को समय रहते बुझाया जा सकता था।
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देव शर्मा की फाइल फोटो
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आधी रात के बाद तक की थी पार्टी, सुबह जा रहे थे अलीगढ़
परिजन बताते हैं कि हादसे से पहले सोमवार की रात को पांचों दोस्तों ने रात करीब दो बजे तक पुरानी तहसील रोड निवासी दोस्त फैज के जन्मदिन की पार्टी में हिस्सा लिया था। पंत चौराहे पर कार में ही इन लोगों ने केक काटा था। इसके बाद फैज तो अपने घर चला गया। मंगलवार की सुबह ही यह पांचों फिर अलीगढ़ में किसी की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने की बात कहकर कार से निकले थे। वह किसकी जन्मदिन पार्टी में जा रहे थे, यह अभी मालूम नहीं हो सका है।
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मयंक की फाइल फोटो
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अलीगढ़ में भीषण हादसा
दिल्ली-कानपुर हाईवे पर अकराबाद इलाके में हुए भीषण हादसे में कार सवार चार दोस्तों और कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिकंदराराऊ से आती तेज रफ्तार कार का गोपी फ्लाईओवर पर अचानक टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार डिवाइडर लांघकर विपरीत दिशा से आते कैंटर से जा भिड़ी। कार सवार पांचवां दोस्त जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
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हर्षित की फाइल फोटो
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घटनाक्रम तड़के करीब साढ़े पांच बजे का है। हाथरस सिकंदराराऊ निवासी पांच दोस्त कार में सवार होकर अलीगढ़ आ रहे थे। हाईवे पर तेज गति से दौड़ती कार गोपी फ्लाईओवर से उतर रही थी। तभी अचानक कार का ड्राइवर साइड का टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार पलक झपकते ही डिवाइडर को लांघकर विपरीत दिशा में सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी।
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हादसे के बाद गमगीन परिजन
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कैंटर अलीगढ़ से स्टेशनरी लादकर कासगंज जा रहा था। भिड़ंत के साथ ही कार की पेट्रोल टंकी धमाके के साथ फटी और अचानक से दोनों वाहनों के आगे के हिस्सों में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। तभी कार की ड्राइविंग सीट पर सवार युवक किसी तरह शीशा टूटने से बाहर लटक गया। सुबह-सुबह हाईवे पर टहलने निकले ग्रामीणों ने उसे खींचकर निकाला।
परिवार के साथ देव शर्मा की फाइल फोटो
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आनन-फानन सूचना पर पुलिस, दमकल, एसपी देहात, एसपी यातायात, सीओ बरला आदि पहुंच गए। सूचना पर 45 मिनट बाद अलीगढ़ व सिकंदराराऊ से दो दमकलें मौके पर आईं। करीब आधा घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। तब तक कार में सवार चार दोस्त व कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई।