यूपी के अलीगढ़ में भीषण हादसा हुआ। हादसे में कार सवार चार दोस्तों समेत पांच की जिंदा जलकर मौत हो गई। दिल्ली-कानपुर हाईवे पर कार और कैंटर की भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई थी।
यूपी के अलीगढ़ में दिल्ली-कानपुर हाईवे पर अकराबाद इलाके में हुए भीषण हादसे को देखकर रोंगटे खड़े हो गए। इस भीषण हादसे का एक दर्दनाक पहलू पोस्टमार्टम हाउस पर भी दिल को झकझोर गया। जब पांचों के परिजन पहुंचे तो एकबारगी यह पहचान कर पाना मुश्किल हुआ कि इनमें से कौन सा शव उनके अपने का है। किसी ने कदकाठी से तो किसी ने जले शरीर पर चिपके रह गए कपड़ों के टुकड़ों से पहचाना।
हादसे के बाद शवों को पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचाया गया। वहीं, उन सभी के परिजन भी बुला लिए गए थे। यहां चिकित्सक डॉ. गजेश प्रजापति की अगुवाई में फॉरेंसिक टीम ने पोस्टमार्टम से पहले पांचों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई।
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हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों को जब बुलाया गया तो एक-एक कर पांचों शव दिखाए गए। पहले तो वे कुछ समझ नहीं पा रहे थे। बाद में उन्होंने धड़ के हिस्से पर चिपके हुए कपड़ों के अवशेषों से पहचान की, तब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दोपहर करीब 12 बजे शुरू हो सकी। यह देख खुद पोस्टमार्टम टीम दंग रह गई कि आग में सभी बुरी तरह जल गए थे।
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हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ-पांव से लेकर सिर तक गायब, हड्डियां भी जलीं
पांचों के हाथ पांव से लेकर सिर तक बुरी तरह जल गए थे। सिर्फ धड़ का हिस्सा अवशेष के रूप में था। मगर धड़ में भी लिवर, किडनी से लेकर हृदय तक जलकर बुरी तरह सूख गया था। पानी तक जल चुका था। हाथ पांव व सिर की हड्डियां तक जल गईं थीं। कुल मिलाकर आग में पांचों 90 फीसदी से अधिक जले। वही उनकी मृत्यु का कारण बना था।
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पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते अतुल के भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार के सदस्यों से होगा डीएनए का मिलान
बेशक परिवारों ने इन पांचों के शव पहचान लिए। सभी को साथ ले जाया गया। अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। मगर पुलिस ने पांचों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखवा लिए हैं। जिन्हें परिवार के सदस्यों से मिलान कराया जाएगा।
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कार और कैंटर की टक्कर के बाद लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुमित की हालत नाजुक
हादसे में घायल सुमित की हालत नाजुक बनी हुई है। उसका जेएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार अभी उसे होश नहीं आया है।
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कार और कैंटर की टक्कर के बाद जले वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ में भीषण हादसा
दिल्ली-कानपुर हाईवे पर अकराबाद इलाके में हुए भीषण हादसे में कार सवार चार दोस्तों और कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिकंदराराऊ से आती तेज रफ्तार कार का गोपी फ्लाईओवर पर अचानक टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार डिवाइडर लांघकर विपरीत दिशा से आते कैंटर से जा भिड़ी। कार सवार पांचवां दोस्त जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
घटनाक्रम तड़के करीब साढ़े पांच बजे का है। हाथरस सिकंदराराऊ निवासी पांच दोस्त कार में सवार होकर अलीगढ़ आ रहे थे। हाईवे पर तेज गति से दौड़ती कार गोपी फ्लाईओवर से उतर रही थी। तभी अचानक कार का ड्राइवर साइड का टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार पलक झपकते ही डिवाइडर को लांघकर विपरीत दिशा में सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी।
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कार को हटाती क्रेन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैंटर अलीगढ़ से स्टेशनरी लादकर कासगंज जा रहा था। भिड़ंत के साथ ही कार की पेट्रोल टंकी धमाके के साथ फटी और अचानक से दोनों वाहनों के आगे के हिस्सों में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। तभी कार की ड्राइविंग सीट पर सवार युवक किसी तरह शीशा टूटने से बाहर लटक गया। सुबह-सुबह हाईवे पर टहलने निकले ग्रामीणों ने उसे खींचकर निकाला।
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आग लगने के बाद ग्रामीणों से जान बचाने की गुहार लगाता कैंटर चालक राजेश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आनन-फानन सूचना पर पुलिस, दमकल, एसपी देहात, एसपी यातायात, सीओ बरला आदि पहुंच गए। सूचना पर 45 मिनट बाद अलीगढ़ व सिकंदराराऊ से दो दमकलें मौके पर आईं। करीब आधा घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। तब तक कार में सवार चार दोस्त व कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई।
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राजेश कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जागरूकता अभियान नहीं आ रहा काम.. तेज रफ्तार ले रही जान
अलीगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर पर तमाम जतन किए जा रहे हैं लेकिन ओवरस्पीड और ओवरलोड वाहनों की बढ़ती रफ्तार जिंदगी पर भारी पड़ रही है। यातायात सप्ताह, पखवाड़ा एवं माह के तहत लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद हादसों में कमी नहीं आ रही है।
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अतुल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईवे, जीटी रोड समेत अन्य सड़कें लगातार वाहन चालकों और उनमें सवारों के लिए काल बन रही हैं। इन सड़क हादसों में हर दिन किसी न किसी की जान चली जा रही है। सड़क हादसों के लिए अलीगढ़ मंडल बदनाम है। वर्ष 2024 की अपेक्षा जुलाई से लेकर सितंबर माह तक यहां हादसों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश में हादसों की जारी की गई सूची में जनपद हाथरस 15वें, कासगंज 21वें, एटा 22वें, अलीगढ़ 35वें स्थान पर है।
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देव शर्मा की फाइल फोटो
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जिले में एक्सीडेंट प्वाइंट
अवंतीबाई चौराहा-अतरौली, बरौठा नहर-हरदुआगंज, गंगीरी, गोपी, पनैठी, नानऊ-अकराबाद, खेरेश्वर-लोधा, कस्बा लोधा, चूहरपुर-गभाना, बरौली मोड़-गभाना, मुकंदपुर-मडराक, पीतल फैक्टरी-मडराक, यमुना एक्सप्रेस वे-टप्पल।
परिवार के साथ देव शर्मा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अलीगढ़ मंडल में वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। नियमों को तोड़ने वालों से सख्ती भी बरती जा रही है। चालान, जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। - दीपक शाह, आरटीओ प्रशासन