चंदपा प्रकरण लगातार देश की सुर्खियों में बना हुआ है। कारण यह कि इस मामले से जुड़े कुछ अनसुलझे सवाल हैं, जिनका अभी तक जवाब कोई नहीं मिला है। देशवासियों को बेसब्री से इन्हीं जवाबों का इंतजार है। सोमवार को ट्विटर पर यह प्रकरण टॉप ट्रेडिंग में शुमार था। कल मृतका के परिजनों से मिलने के लिए आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा था। इस दौरान आप सांसद संजय सिंह पर एक व्यक्ति ने काली स्याही फेंक दी थी।
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आप सांसद संजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से ही यह घटना दिनभर सुर्खियों में रही। सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर संजय सिंह पर स्याही फेंके जाने की खबर ट्रेंड करती रही। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर लोग आप सांसद के खिलाफ पोस्ट कर रहे थे, जबकि आरोपी के समर्थक मालूम पड़ रहे थे।
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आप सांसद संजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
एक यूजर ने लिखा कि लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आम आदमी पार्टी को अब अपनी नीति बदल लेनी चाहिए। स्याही फेंकने की ट्रिक अब पुरानी और बोरिंग हो चुकी हैं।
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यूजर ने किया ट्वीट
- फोटो : अमर उजाला
एक यूजर ने आरोपी की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि इस घटना के लिए एडीजी पर भी कार्रवाई की मांग की। उसने लिखा कि संजय सिंह के साथ हुई इस घटना के विरोध में एडीजी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि आरोपी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाई है।
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आप सांसद संजय सिंह
एक यूजर ने तो यह लिख दिया कि संजय सिंह के पीएफआई संगठन के साथ संबंध हैं। उन्होंने संसद में मार्शलों को धमकाया और उनपर हमला किया। आए दिन हिंसा भड़काने को लेकर उनपर आरोप लगते रहते हैं। इन सब के बावजूद वह सांसद हैं।
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परिजनों से मुलाकात करते आप सांसद संजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
किसी ने लिखा कि हाथरस के लोगों ने संजय सिंह पर इसलिए स्याही फेंक दी क्योंकि वो गांव में राजनीति करने आए थे। मालूम हो कि आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल सोमवार को मृतका के परिवार से मिलकर लौट रहा था तभी कुछ लोगों ने संजय सिंह के चेहरे पर स्याही फेंक दी। आप नेताओं पर पथराव भी किया। आप के कार्यकर्ता भी विरोध कर रहे लोगों के सामने आ गए। दोनों गुटों में मारपीट और पथराव हुआ।
स्याही फेंकने के विरोध में सड़क पर बैठे आप कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
जब पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की तो आप कार्यकर्ताओं की पुलिस से भिडंत हो गई। इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। जब आप का प्रतिनिधिमंडल वहां से चला गया तब पुलिस ने दोनों पक्षों को दूर-दूर तक दौड़ाया और हालात नियंत्रित किए।