दस दिन पूर्व अपहृत अधिवक्ता अकरम अंसारी का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। अपने साथी की बरामदगी की मांग को लेकर तहसील के वकील भी तीन दिन से कामकाज नहीं कर रहे हैं। बुधवार को दीवानी कचहरी से लेकर जिले की सभी तहसीलों के अधिवक्ता लामबंद हो गए। उन्होंने अकरम अंसारी की सकुशल वापसी के लिए हुंकार भरी। मुख्यालय पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, जुलूस निकाला और डीएम को ज्ञापन दिया।
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कलेक्ट्रेट पर एकत्रित अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
थाना दक्षिण के मोहल्ला राजपूताना निवासी सदर तहसील में अधिवक्ता अकरम अंसारी तीन फरवरी की शाम को आगरा गए थे, तभी से लापता हैं। परिजनों ने आगरा के थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के बाद सिकंदरा पुलिस ने यह मामला अपहरण में दर्ज कर लिया था। दस दिन बीतने के बाद भी आगरा पुलिस अधिवक्ता का कोई सुराग नहीं लगा सकी।
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अधिवक्ताओं ने निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को बार एसोसिएशन के आह्वान पर जनपद न्यायालय के साथ जिले के सभी तहसीलों के वकील न्यायालय परिसर में इकट्ठे हुए। बार के अध्यक्ष नाहर सिंह यादव व महासचिव सुरेंद्र सिंह कुशवाह, दिनेश सिंह यादव, धमेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष नृपति सिंह यादव, धर्म सिंह यादव, भरत सिंह यादव के नेतृत्व में वकीलों ने जुलूस निकाला। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस न्यायालय से शुरू हुआ और हाईवे होते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचा। यहां वकीलों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा। डीएम ने उन्हें भरोसा दिया कि वह अधिवक्ता की शीघ्र बरामदगी के लिए पुलिस के माध्यम से प्रयास कराएंगे। इस दौरान केके चौहान, योगेंद्र सिंह, वसीमउद्दीन अंसारी, देवेंद्र यादव, आलिया रफत सादमा, लियाकत अली, शकील अहमद, ओपी बघेल, आरिफ, माहिर अली, शरद यादव, सौरभ यादव, आरिफ इकबाल, रोहित पारस, शमशाद अली खान, केके राजपूत, उमेश ओझा आदि अधिवक्ता शामिल थे।
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अगवा किया गया अधिवक्ता का फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता अकरम अंसारी का दस दिन से पता नहीं चलने से उनकी पत्नी, बच्चों के साथ माता-पिता और भाई की हालत खराब है। घर पर ढांढस बंधाने वालों का क्रम जारी है। बुधवार को सपा के पूर्व महा नगर अध्यक्ष शाहिद अंसारी, थाना दक्षिण के एसएसआई मो. उमर फारुक के साथ पुलिस कर्मी पहुंचे। अधिवक्ता के भाई मोहम्मद मौअज्जिम अंसारी व पिता से भेंट की।
अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते जनपद न्यायालय से वादकारी बैरंग लौट गए। तहसीलों में रजिस्ट्री के साथ ही न्यायालय में काम पूरी तरह से ठप रहा। सदर तहसील में हड़ताल के चलते तीन दिन में करीब एक करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। सब रजिस्टार एके जौहरी ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय तो खुलते हैं। लेकिन अधिवक्ता, स्टांप बिक्री करने वालों के न बैठने के कारण कोई बैनामा कराने नहीं आ रहा है। अधिवक्ता अकरम अंसारी की बरामदगी को आगरा और फिरोजाबाद पुलिस टीम संयुक्त रूप से प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही अधिवक्ता की बरामदगी हो जाएगी।
प्रबल प्रताप सिंह - एसपी सिटी।