आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) की पीजी की छात्रा डॉ. योगिता गौतम की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस आरोपी डॉ. विवेक तिवारी की रिवाल्वर और खून से सने कपड़े बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस टीम ने आगरा में लखनऊ एक्सप्रेसवे सहित उरई और कानपुर तक तलाश की, लेकिन रिवाल्वर और कपड़े नहीं मिले। डॉ. योगिता का मोबाइल भी अब तक नहीं मिला है। उधर, योगिता का कहना है कि अब उनका एक ही मकसद है कि बेटी के कातिल को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना।
डॉ. योगिता गौतम आगरा के नूरी गेट में राहुल गोयल के मकान में रहती थीं। 18 अगस्त (मंगलवार) शाम तकरीबन 7:30 बजे उन्हें डॉ. विवेक अपनी कार में बैठाकर ले गया था। इसके बाद प्रतापपुरा पर गोली मारकर कार में हत्या कर दी थी। शव को डौकी के बमरौली गांव में सुनसान इलाके में फेंककर भाग गया था। वह उरई और कानपुर गया था। आरोपी ने फतेहाबाद टोल से पहले रिवाल्वर और उरई से कानपुर के रास्ते में खून से सने कपड़े फेंके जाने की बात पुलिस को पूछताछ में बताई थी।
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कार में बैठा आरोपी विवेक (सीसीटीवी कैमरे से ली गई तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
रिवाल्वर और खून से सने कपड़ों की तलाश में शनिवार को भी पुलिस टीम लगी रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दोनों चीजें हत्याकांड में आरोपी को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य हैं। क्योंकि डॉ. योगिता के शरीर में मिली गोली और हथियार को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। खून से सने कपड़ों की भी फोरेंसिक जांच होगी। क्षेत्राधिकारी (सीओ) चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि रिवाल्वर और कपड़ों की तलाश में दो टीमों को लगाया गया है। पुलिस छानबीन में जुटी हैं। अब तक दोनों चीजें नहीं मिली हैं।
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योगिता के पिता और भाई से जानकारी लेते एसएसपी बबलू कुमार (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस साक्ष्य जुटाकर मेरी बेटी को न्याय दिलाए : अंबेश गौतम
बेटी डॉ. योगिता की मौत से परिवार टूट गया है। अब मेरा एक ही मकसद है, बेटी को न्याय दिलाना। पुलिस केस से संबंधित सभी साक्ष्यों को जुटाए। हर बिंदु पर विवेचना की जानी चाहिए। आरोपी डॉ. विवेक तिवारी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह कहते हुए पिता अंबेश गौतम रोने लगते हैं। वह एक ही बात कह रहे हैं कि बेटी को खो दिया है, अब उसे न्याय दिलाने का काम पुलिस का है।
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योगिता की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
योगिता के पिता अंबेश गौतम अभी दिल्ली नहीं गए हैं। वो पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। वो फिरोजाबाद में रह रहे हैं। आगरा आकर पुलिस कार्रवाई की जानकारी भी लेते हैं। उनका कहना है कि इस केस में जितने भी साक्ष्य हैं, पुलिस उनको जुटाए। इनको विवेचना में शामिल किया जाए।
जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
अंबेश गौतम ने कहा कि बेटी का मोबाइल, आरोपी के खून से सने कपड़े और रिवाल्वर को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। यह अहम साक्ष्य हैं। अब मेरी बेटी तो वापस नहीं आ सकती है, लेकिन पुलिस को अपना काम करना चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि पुलिस सही से विवेचना कर साक्ष्य जुटाएगी। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।