पिता की मौत के बाद परिवार बिखर गया था। तीन बेटियों में अरीवा ने जिम्मेदारी संभाल ली। बेटी होकर पिता का फर्ज निभाने लगी। भाई और बहनों की पढ़ाई से लेकर घर के खर्च उठाने में बेटी कोई कसर नहीं छोड़ रही थी। मां से कहती रही कि मैं मुंबई में हूं, जाने कब लखनऊ से दिल्ली की बस में बैठ गई, यह किसी को पता नहीं चला। वह घर तो नहीं आ पाई, उसकी मौत की खबर ने सबको रुला दिया। मां बिलख पड़ी, भाई और बहन बेसुध हो गए। मां यही कह रही थी कि बेटी ने मौत का सरप्राइज क्यों दिया?
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पोस्टमार्टम गृह पर अरीवा की मां और रिश्तेदार
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के रकाबगंज स्थित गौस नगर निवासी अरीवा (22) की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अरीवा ने उन्नाव के कॉलेज से पीजीडीएम का कोर्स किया था। उसके पिता नसीम खान एक कंपनी में नौकरी करते थे। उनकी अरीवा बड़ी बेटी थी, जबकि जुड़वा बेटी अनम, नमीरा और बेटा तोहीत है।
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अरीवा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
डेढ़ साल पहले नसीम खान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। नसीम की पत्नी अफरोज जहां के सामने परिवार की जिम्मेदारी थी। तब अरीवा ने मां से कहा कि वह पिता का फर्ज निभाएगी। मां ने अपनी जमा पूंजी से अरीवा की पढ़ाई पूरी कराई। छह महीने पहले कॉलेज से प्लेसमेंट के बाद उसकी नौकरी लगी।
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अरीवा की मां
- फोटो : अमर उजाला
अरीवा ने मां को वादा किया कि अब वह किसी तरह की कमी नहीं होने देगी। दोनों बहनों की बीकॉम की फीस दी। अफरोज जहां ने बताया कि शनिवार को बेटी ने फोन पर बात करके कहा कि मां मैं 16 जुलाई को आऊंगी। बहुत सारे काम हैं। मगर, वह तो नहीं आई, सोमवार सुबह लखनऊ पुलिस ने घर आकर उसके घायल होने के बारे में बताया।
अरीवा के मौसेरे भाई जावेद ने बताया कि अरीवा बच्चों को बहुत प्यार करती थी। कुछ दिन पहले जावेद के घर आई थी। उनके बच्चों को टीशर्ट दी थी। एक टीशर्ट अपने पास भी रख ली थी। उनसे कहा था कि जब वापस मुंबई से लखनऊ आऊंगी तो साथ में टीशर्ट पहनेंगे।