आगरा में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जांचे गए खाद्य पदार्थों के 1,352 नमूनों में 497 यानी 36.76 फीसदी नमूने फेल मिले हैं। आटे में कीड़े और घटिया गेहूं, दूध में पानी व सिंथेटिक दूध, जबकि घी, पनीर और खोआ में भी बड़े पैमाने पर मिलावट व नकली उत्पाद मिले।
अब घी, दूध और पनीर का सेवन सेहतमंद नहीं, बीमार बना रहा है। ऐसा हम नहीं खाद्य विभाग के आंकड़े कह रहे हैं। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट चाैंकाने वाली है। खाद्य विभाग की जांच में हर तीसरा नमूना नकली या मिलावटी मिला है।
रिपोर्ट के अनुसार, शहर से देहात तक विभिन्न सामग्री के 1,501 नमूने जांच के लिए भेजे गए। इसमें 1352 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें 497 नमूने (36.76 फीसदी) फेल मिले। यहां तक कि गेहूं के आटे में कीड़े पाए गए। ऐसे में लोग भी चिंतित हैं कि खुद और बच्चों को आखिरकार क्या खिलाएं-पिलाएं। खाद्य विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। फेल हुए 497 नमूनों में 356 मिलावटी और घटिया पाए गए। 89 नकली और 52 मिथ्या छाप और नियमों की अनदेखी वाले थे। आटे के 59 नमूनों की रिपोर्ट मिली जिसमें 12 में घटिया और घुने हुए गेहूं का इस्तेमाल हुआ था। तीन नमूनों में जिंदा और मरे हुए कीड़ों की पुष्टि हुई।
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नकली दूध
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूध के 168 नमूनों में से 114 में पानी और 11 में सिंथेटिक दूध मिला। घी के 29 नमूनों की जांच में सात में मिलावट और आठ में नकली घी मिला। पनीर के 53 नमूने घटिया और 34 नकली मिले। खोआ की 58 नमूनों की जांच में 31 की गुणवत्ता खराब और 10 नमूनों में मिलावट मिली जो खाने योग्य नहीं था।
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पनीर को नष्ट कराती खाद्य विभाग की टीम। स्रोत विभाग
खाद्य पदार्थों में ये मिलावट घी: पाम ऑयल, वनस्पति तेल, एसेंस। पनीर: स्टार्च, रिफाइंड, फैब्रिक व्हाइटनर, स्किम्ड मिल्क पाउडर। दूध: पानी, रिफाइंड, डिटर्जेंट, ग्लूकोज, पोस्टर कलर। खोआ: रिफाइंड, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर।
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पकड़ा खोआ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे कर सकते हैं शुरुआती जांच पनीर: मिलावटी होने पर ये कठोर होगा और तोड़ने पर बिखर जाएगा। हाथ में पनीर लेने पर जल्दी चिकनाई छोड़ेगा। स्वाद में अंतर मिलेगा। दूध: एक घूंट पीएं और कुल्ला कर दें। शुरू में मीठा और बाद में कसैला मिले तो नकली है। दूध की बूंद फर्श पर टपकाएं, इसका आकार जल्दी बढ़े तो पानी की मिलावट है। खोआ: खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र परमार ने बताया कि थोड़े खोआ में गर्म पानी डालने के बाद आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें। इसका रंग नीला होने पर स्टार्च की मिलावट है।
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खाद्य पदार्थों में मिलावट
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
मिलावटी-नकली होने पर करें शिकायत
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट या उसके नकली होने की आशंका हो तो टोल फ्री नंबर 18001805533 और खाद्य विभाग कार्यालय के नंबर 0562-29700049 पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शिकायत कर सकते हैं।
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मिलावट पर बड़ा प्रहार
- फोटो : अमर उजाला
कानूनी कार्रवाई के साथ शासन को भेजी रिपोर्ट
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आटे में कीड़े और दूध से बने उत्पाद सबसे ज्यादा मिलावटी और नकली पाए गए। मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी है। मिलावटी और नकली सामग्री पकड़ने के लिए अभियान भी चला रहे हैं।
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मावे में मिलावट
अच्छे कीटाणु हो रहे नष्ट, मधुमेह-किडनी की बीमारी
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि नकली-मिलावटी सामग्री में मिलने वाले रसायन से पेट के अच्छे कीटाणु नष्ट होने लगते हैं। इससे उल्टी-दस्त, अपच, खट्टी डकार, भूख कम लगने की परेशानी बनती है। लंबे समय तक उपयोग से मधुमेह, इंसुलिन रेसिस्टेंट, हृदय रोग, किडनी, लिवर और एलर्जी की दिक्कत का भी खतरा अधिक है। बच्चों का मानसिक-शारीरिक विकास भी प्रभावित होता है।
फ्लोर मिल में रखा सेलखड़ी का स्टाक। स्त्रोत --- विभाग
राजस्थान से आती है सेलखड़ी, आटा बनाते चमकदार
राजस्थान से 20-25 रुपये किलो के हिसाब से सेलखड़ी मंगाई जा रही है। मुनाफाखोर इसे घटिया आटे में मिलाकर उसे चिकना और चमकदार बनाते हैं। फिरोजाबाद में मामला पकड़े जाने के बाद आगरा में भी जांच तेज हो गई है। राजस्थान की सीमा पर खाद्य अधिकारियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। सहायक आयुक्त, खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आटे में सेलखड़ी मिलाकर बिक्री की शिकायत पर मिल की जांच की जा रही है। फिरोजाबाद के सहायक आयुक्त, खाद्य चंदन पांडेय ने बताया कि फिरोजाबाद में एटा रोड स्थित शिवाय ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारकर 30 किलो सेलखड़ी और 420 किलो गेहूं का आटा सीज किया गया है। जानकारी मिली है कि ये राजस्थान से सेलखड़ी मंगाते हैं।