विश्व कछुआ दिवस पर चंबल नदी से अच्छी खबर सामने आई है। दुनिया में लुप्त होने की कगार पर पहुंचे बटागुर कछुओं का कुनबा बढ़कर 500 हो गया है। इस साल भी जन्म लेकर चंबल की गोद में कछुए के करीब 600 बच्चे पहुंचे हैं। वन विभाग और टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) के प्रयासों से यह संभव हो सका है।
टीएसए के प्रोजेक्ट अफसर पवन पारीक ने बताया कि बटागुर कछुओं में साल और ढोर प्रजाति शामिल हैं। साल प्रजाति के कछुए सिर्फ चंबल नदी में बचे हैं, जबकि ढोर कछुए भी यहां काफी संख्या में हैं। रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल में कछुओं की दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण की मुहिम के सुखद परिणाम सामने आए हैं।