दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल का दीदार करने के लिए सैलानी उमड़ रहे हैं, लेकिन संस्कृति मंत्रालय है कि ताज पर पर्यटकों की संख्या कम करने की कवायद में प्रवेश टिकट 50 से बढ़ाकर 250 रुपये करने वाला है। हालांकि यह प्रवेश शुल्क सुविधाओं के नाम पर बढ़ाया जा रहा है, लेकिन ताजमहल पर सुविधाओं का सच यह है कि यहां न तो गोल्फ कार्ट है और न ही टायलेट की सुविधा। शूकवर उपलब्ध नहीं और पूरी यात्रा में बंदर, सांड़, कुत्तों का खतरा अलग से है।
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ऐसा ही रहा तो घट जाएगी ताज पर आने वाले सैलानियों की संख्या, तस्वीरों में जानिए वजह
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ताजमहल
विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटकों का स्वागत कर रस्म अदायगी तो आज हो जाएगी, लेकिन सैलानियों को ताज यात्रा के बुरे अनुभव न हों। ऐसे प्रयास सरकारी विभागों की ओर से नजर नहीं आएंगे। बल्कि ताज का दीदार लगातार महंगा होता जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय अब मुख्य मकबरे में शाहजहां व मुमताज की कब्रों को देखने के लिए 200 रुपये चार्ज लगाने की कवाय कर रहा है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
कब्रों का अलग से टिकट लगाने का विरोध भी शुरू हो गया है। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा को प्रस्तावित बढ़ोतरी के विरोध में पत्र भेजा है। गिल्ड ने कहा है कि मकबरे का टिकट 200 रुपये करने से पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित कमी आएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए एएसआई और सीआईएसएफ मिलकर उपाय करें। टिकट दर बढ़ाकर भीड़ प्रबंधन करना बेहद खराब कदम है।
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ताजमहल पर गोल्फ कार्ट
- फोटो : अमर उजाला
एक ओर जहां ताज का दीदार महंगा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सुविधाओं का टोटा है। आगरा टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने बताया कि केवल चार पांच गोल्फ कार्ट हैं, जो 20 हजार पर्यटकों के लिए नाकाफी हैं। 12 बसें और गोल्फ कार्ट बैटरी न होने के कारण खड़ी हैं। टायलेट बेहद गंदे हैं। दो साल में ताज का टिकट 12 गुना कर रहे हैं तो उसके मुताबिक सुविधाएं तो दें। ताज पर विदेशी सैलानी बेहद बुरे अनुभव से गुजर रहे हैं।
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ताजमहल में ख्ातरा
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होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने कहा कि ताजमहल का टिकट कई बार बढ़ाया जा चुका है, लेकिन यहां व्यवस्थाएं बदतर होती गईं। ताज का न संरक्षण ठीक है और न पर्यटन सुविधाएं। भीड़ नियंत्रण के नाम पर टिकट बढ़ाना गलत है। पर्यटकों को बंदरों और कुत्तों के खौफ से तो हम मुक्ति नहीं दिला पा रहे।
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गोवा टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन के डायरेक्टर और गोवा के पूर्व चुनाव आयुक्त रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. मुदस्सिर आगरा घूमने के लिए आए तो ताजमहल से फतेहपुर सीकरी और अकबर के मकबरे से महताब बाग तक हर जगह उन्हें गंदगी नजर आई। गोवा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने चार साल में काफी बदलाव किए, लेकिन आगरा में दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल होने के बाद भी यहां के हालात देखकर वह बेहद दुखी नजर आए।
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ताजमहल
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डॉ. मुदस्सिर ने कहा कि ताजमहल के शहर में स्वच्छ भारत कहां हैं। यहां सफाई कहां है और अतिथि देवो भव: की भावना कहां है। ताज का टायलेट बंद मिला तो अकबर के मकबरे के टायलेट में गंदगी मिली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्मारक के अंदर टॉयलेट बंद रखना है तो क्या पर्यटक डायपर बांधकर आया करें।
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ताजमहल
गोवा में 15 लाख पर्यटकों की भीड़ का प्रबंधन और उनके मुताबिक पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने वाले डॉ. मुदस्सिर ने कहा कि ताजमहल और सीकरी के बीच एलीवेटेड रोड या एक्सप्रेस-वे की तरह सुविधा हो। इन दोनों स्मारकों के बीच में आगरा गंदा और ट्रैफिक जाम देश की बुरी छवि पेश करता है। कहा कि वह पर्यटन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय में अपनी इस यात्रा में मिली खामियों की शिकायत करेंगे और फोटो भेजेंगे।