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विश्व प्रवासी पक्षी दिवस: चंबल की गोद में चहकेगा दुर्लभ चिड़ियों का कुनबा, देखिए खूबसूरत तस्वीरें

Sat, 08 May 2021 10:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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चंबल नदी किनारे प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
विश्व प्रवासी पक्षी दिवस के मौके पर प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए चंबल की वादियों से अच्छी खबर आई है। यहां प्रवासी पक्षियों के 500 से ज्यादा घोंसले, हर में दो से तीन अंडे देखे जा सकते हैं, वह भी दुनिया से लुप्त हो रहे रिवर टर्न, ब्लैक बेलीड टर्न और इंडियन स्कीमर के। उम्मीद है कि समय पर इन अंडों से बच्चे निकलेंगे। करीब 300 प्रजातियों के पक्षियों से गुलजार चंबल में इनकी चहचहाहट भी शामिल हो जाएगी। 
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विश्व प्रवासी पक्षी दिवस: प्रवासी पक्षी इंडियन स्कीमर - फोटो : अमर उजाला
सर्दी में चंबल का रुख करने वाले पक्षी रिवर टर्न, ब्लैक बेलीड टर्न, इंडियन स्कीमर लुप्त प्राय: स्थित में पहुंच गए हैं। इनकी आबादी ईरान, म्यांमार, थाईलैंड और नेपाल में ही बची है। प्रजनन काल मई में भी इन पक्षियों ने न सिर्फ चंबल में अपना डेरा जमा रखा है। चंबल के टापू की बालू में अपने घोंसले बनाए हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि 500 से ज्यादा घोंसलों में इन चिड़ियों ने अंडे दिए हैं। बच्चे निकलने को है। वन विभाग का अमला दिन-रात घोंसलों की रखवाली कर रहा है। 
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विश्व प्रवासी पक्षी दिवस: ब्लैक बेलीड टर्न - फोटो : अमर उजाला
इंडियन स्कीमर: चीं चीं की आवाज करने वाली चिड़िया इंडियन स्कीमर की लंबाई 40-45 सेमी, पंखों का फैलाव 100-110 सेमी होता है। पेट के पंख सफेद, टांग-पैर लाल रंग के होते हैं।
रिवर टर्न: क्री क्री की आवाज करने वाली चिड़िया रिवर टर्न की लंबाई 39-42 सेमी और पंखों का फैलाव 80-85 सेमी होता है। पेट का रंग सफेद, टांग-पैर का रंग लाल होता है।   
ब्लैक बैलीड टर्न: पीयू पीयू की आवाज करने वाली चिड़िया ब्लैक बैलीड टर्न की लंबाई 32-35 सेमी, पंखों का फैलाव 60-65 सेमी होता है। पेट का रंग काला, टांग-पैर का रंग पीला नारंगी होता है।  

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चंबल की रेत पर प्रवासी पक्षी रिवर टर्न के अंडे - फोटो : अमर उजाला
मानवीय गतिविधियों से खतरा
इन पक्षियों की आबादी घटने का सबसे बड़ा कारण इनके घोंसलों को नुकसान पहुंचना है। नदी किनारे और टापू पर बढ़ती मानवीय गतिविधियों से इन परिंदों के घोंसले उजड़ रहे हैं। यही वजह है कि चंबल की बालू पर घोंसला बनाकर दिए गए अंडों के पास मानवीय गतिविधियां रोकने और सियार आदि से अंडों को बचाने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।
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कीठम झील किनारे प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
आगरा के कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार 30 साल से देश और दुनिया के प्रवासी पक्षियों का दूसरा घर बना हुआ है, जहां 250 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां अक्तूबर से फरवरी के बीच चहचहाती दिखती हैं, लेकिन कीठम से आगे जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों का नया ठिकाना बन गया है। जोधपुर झाल में कम पानी और टापुओं के बनने के कारण प्रवासी पक्षी ज्यादा पहुंचने लगे हैं। 
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2006 में पहली बार मनाया गया विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 
विश्व प्रवासी पक्षी दिवस वर्ष में दो बार मई एवं अक्तूबर महीने के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस बार यह 8 मई को है। पहली बार विश्व प्रवासी पक्षी दिवस वर्ष 2006 में मनाया गया था। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए जरूरी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व के बारे देशों को जागरूक करना है।  
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