फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षाबंधन: अटूट विश्वास के साथ कन्हैया को राखी भेज रहीं बहनें, पाती लिख खुशहाली की कामना

Wed, 14 Aug 2019 12:21 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

रक्षाबंधन पर हर वर्ष मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में देश-विदेश से राखियां आती हैं।
महिलाएं राखियों के साथ पाती के माध्यम से अपने दुख-दर्द भी साझा करती हैं। 
इस बार भी बहनों ने कान्हा को उलाहना दिया- सावन में ब्रज बुलाया क्यों नहीं 
विज्ञापन
1 of 6
मंदिर में द्वारिकाधीश महाराज - फोटो : अमर उजाला
ब्रज के ठाकुर भगवान श्रीकृष्ण भक्ति भाव के भूखे हैं। इसी अटूट विश्वास और भाव के चलते बहनें भी ब्रज के ठाकुर कान्हा को भाई मानकर रक्षाबंधन के पर्व पर राखियों के साथ पाती भेजकर अपने परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रही हैं। 
विज्ञापन

2 of 6
भगवान श्रीकृष्ण के लिए बहनों ने भेजी राखियां - फोटो : अमर उजाला
ये राखियां देश ही नहीं विदेशों से भी आ रही हैं। रक्षाबंधन पर हर साल कान्हा के नाम से मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल के मंदिरों में राखियां पहुंच रही हैं। राखियां भेजने वाली कई बहनों ने कान्हा को पाती लिख अपने दुख-दर्द को भी बांटा है। 
विज्ञापन

3 of 6
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार हर वर्ष रक्षाबंधन पर ठाकुरजी के लिए सैकड़ों की संख्या में राखियां पहुंचती हैं। ठाकुरजी को भाई मानकर महिलाएं राखियों के साथ अपने दुखों को लेकर पत्र (पाती) भी भेजती हैं। 

खुशखबर: रक्षाबंधन पर बहनों को बड़ा तोहफा, रोडवेज की एसी बसों में भी मुफ्त सफर

4 of 6
द्वारिकाधीश मंदिर में भक्तों की भीड़ (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पत्रों के माध्यम से बहनें ठाकुरजी को अपने मन की पीढ़ा लिखती हैं। बताया कि जो राखियां और पत्र आते हैं उन्हें ठाकुरजी के श्री चरणों में रख दिया जाता है। द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि हर वर्ष सैकड़ों राखियां राजाधिराज के नाम आती हैं, जिसमें महिलाएं अपना दुख ठाकुरजी से प्रकट करती हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में श्री बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में हर दिन राखियों के साथ पत्र भी ठाकुरजी के लिए आ रहे हैं। रक्षाबंधन पर सैकड़ों राखियों के साथ पत्र आते हैं। इन पत्रों को पढ़ा नहीं जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
बांकेबिहारी मंदिर को जाने वाले रास्ते में भीड़ (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
अपने कान्हा के लिए बहनें देश भर से राखियां भेजतीं हैं। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिसा के साथ विदेशों से भी राखियां कान्हा के श्री चरणों में पहुंचती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें