वो एक हाथ में केक और दूसरे में अपना सूटकेस थामे चला आता था। फोन पर तो कहता था कि इस साल छुट्टी नहीं मिलेगी लेकिन ठीक जन्मदिन वाले दिन दस्तक दे देता था। कुछ ऐसा था हमारे जिगर का टुकड़ा पृथ्वी। बेहद मिलनसार और दोस्तों पर जान न्यौछावर करने वाला। रुंधे गले से बेटे को याद कर माता-पिता का दर्द छलक आया। उन्हें बेटे की शहादत पर नाज है तो दूसरी ओर उनके जाने का गम भी। कभी एकटक उसकी तस्वीर को निहारते तो कभी दरवाजे को।
देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए ताजनगरी के जांबाज पायलट विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के परिजनों से बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने मुलाकात की। 31 दिसंबर को पृथ्वी सिंह के पिता सुरेंद्र सिंह का जन्मदिन है। उन्होंने बताया कि हर साल पृथ्वी सिंह उन्हें सरप्राइज देने आगरा आते थे।