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यादें: एक हाथ में केक, दूसरे में सूटकेस थामे चले आते थे पृथ्वी, शहीद विंग कमांडर के माता-पिता का छलका दर्द, रुंधे गले से सुनाए किस्से

Fri, 31 Dec 2021 12:15 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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शहीद पृथ्वी के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
वो एक हाथ में केक और दूसरे में अपना सूटकेस थामे चला आता था। फोन पर तो कहता था कि इस साल छुट्टी नहीं मिलेगी लेकिन ठीक जन्मदिन वाले दिन दस्तक दे देता था। कुछ ऐसा था हमारे जिगर का टुकड़ा पृथ्वी। बेहद मिलनसार और दोस्तों पर जान न्यौछावर करने वाला। रुंधे गले से बेटे को याद कर माता-पिता का दर्द छलक आया। उन्हें बेटे की शहादत पर नाज है तो दूसरी ओर उनके जाने का गम भी। कभी एकटक उसकी तस्वीर को निहारते तो कभी दरवाजे को।
देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए ताजनगरी के जांबाज पायलट विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के परिजनों से बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने मुलाकात की। 31 दिसंबर को पृथ्वी सिंह के पिता सुरेंद्र सिंह का जन्मदिन है। उन्होंने बताया कि हर साल पृथ्वी सिंह उन्हें सरप्राइज देने आगरा आते थे।
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शहीद के मां-बाप - फोटो : अमर उजाला
पिता बताते हैं कि पृथ्वी हमेशा कहते थे कि इस साल छुट्टी नहीं मिल रही है। इस बार जनवरी या फिर फरवरी को आना होगा लेकिन ठीक जन्म दिन वाले दिन केक लेकर आ जाते थे। कुछ दिन रुकते थे और फिर वापस पोस्टिंग स्थल पर लौट जाते थे।


 
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आगरा: पृथ्वी की मां - फोटो : अमर उजाला
मां के जन्मदिन पर क्यों नहीं आता
पृथ्वी सिंह की मां सुशीला चौहान ने नम आंखों से कहा वे अपने बेटे से हमेशा कहती थीं कि पिता का जन्मदिन मनाने चला आता है, मां के जन्मदिन पर क्यों नहीं आता, पृथ्वी कहते थे कि आपको अपनी जन्मतिथि याद ही नहीं है। तारीख बता देना तो जरूर आ जाऊंगा।

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पृथ्वी सिंह का फाइल फोटो और पिता - फोटो : अमर उजाला
बेटे की तस्वीर को दुलारते हुए माता-पिता ने कहा कि देश पर अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले बेटे पर उन्हें बहुत नाज है लेकिन उसकी याद बहुत आती है। हर आहट पर लगता है कि पृथ्वी लौट आया है। उसकी शहादत को हमारा प्रणाम है।
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विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान - फोटो : ANI
दिसंबर में हेलीकॉप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के साथ आगरा के लाल विंग कमांडर पृथ्वी सिंह भी शहीद हो गए थे। सरन नगर निवासी पृथ्वी सिंह चौहान ही हेलीकॉप्टर के पायलट थे। उनका अंतिम संस्कार आगरा में किया गया। शहीद के सम्मान में महापौर ने सरन नगर का नाम शहीद पृथ्वी सिंह नगर रखने की घोषणा की है। वहीं ताजगंज मोक्षधाम के नए स्थल को भी शहीद के नाम पर समर्पित किया गया है।
गर्व भी दर्द भी: पृथ्वी की याद में परिजनों का बुरा हाल, पिता गुमसुम और थम नहीं रहे मां के आंसू

 
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