मानसून के बादल जुलाई से सितंबर के बीच आगरा और मथुरा से रूठे रहे। आगरा में सामान्य से 42 फीसदी और मथुरा में 66 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई। दोनों का औसत देखें तो 50 फीसदी की कमी है। ब्रज के अन्य जिलों पर भी बरखा रानी मेहरबान नहीं रही। कम बारिश होने का असर भूगर्भ जलस्तर और ट्यूबवेल से सिंचाई करने वाले किसानों पर पड़ेगा। उन्हें खेतों में नमी बनाए रखने के लिए डीजल पंप या ट्यूबवेल चलाना होगा, जिससे खेती की लागत बढ़ जाएगी।
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बारिश (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक केवल आगरा और ब्रज क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 33 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में से 16 जिलों में कम बारिश हुई जबकि 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे कम बारिश नोएडा, मथुरा, गाजियाबाद, रामपुर और बुलंदशहर में हुई है।
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ब्रज में कम हुई बारिश
- फोटो : अमर उजाला
ब्रज क्षेत्र में मानसून की बारिश का हाल
शहर
बारिश (मिमी में)
औसत
सामान्य से कमी %
मथुरा
182.6
531.7
-66%
आगरा
336.8
576.9
-42%
मैनपुरी
403
651
-38%
फिरोजाबाद
430
612
-30%
एटा
386.8
527
-27%
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बारिश (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सितंबर में अब तक सिर्फ एक दिन बारिश
मानसून के तीन महीने जुलाई, अगस्त और सितंबर में झमाझम बारिश होती रही है। बीते दो सालों से सितंबर में 125 मिमी से ज्यादा बारिश हो रही है लेकिन इस बार महज 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो सकी है।