मानसून से पहले नालों की साफ-सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही दावों की पोल खुल जाती है। शहर में ही नहीं, अब देहात-कस्बों में भी लोगों को जलभराव की समस्या जूझना पड़ता है। सरकारी स्कूल भी जलभराव की समस्या से अछूते नहीं है, जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। मथुरा जिले में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां बारिश के पानी का निकास न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय तालाब में तब्दील हो गया। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत हुईं। शिक्षक भी परेशान हुए, लेकिन एक शिक्षिका ने पैर गंदे न हों, इसके लिए छोटे-छोटे बच्चों से कुर्सियों का पुल बनवाया। कुर्सियों के ऊपर पैर रखकर शिक्षिका स्कूल के गेट से बरामदे तक पहुंचीं। यह मामला विकास खंड बलदेव की ग्राम पंचायत दघेटा के प्राथमिक विद्यालय का है। इसका वीडियो सामने आया है।