भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडनर ने वन्यजीव संरक्षण के बारे में विस्तार से जानने के लिए मथुरा में वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा संचालित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र का दौरा किया। सेंटर में आजीवन देखभाल और उपचार के लिए लाए हाथियों को देखा। उन्होंने एनजीओ के 'रिफ्यूज टू राइड' कैंपेन को भी अपना समर्थन दिया, जो भारत में हाथियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करता है। वाल्टर जे. लिंडनर बुधवार को केंद्र पहुंचे। उन्होंने हाथियों को देखने में समय बिताया, जिन्हें अब सभी तरह के दुर्व्यवहार और क्रूरता से मुक्त जीवन जीने का दूसरा मौका मिला है। हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में उन्होंने हाथियों के मैनेजमेंट के साथ-साथ वैज्ञानिक और मानवीय तकनीकों जैसे पॉजिटिव कंडीशनिंग और टारगेट ट्रेनिंग के बारे में भी सीखा। इसके बाद हाथियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की टीम के साथ एक सत्र भी हुआ, ताकि वे इन जानवरों के सेंटर में एक बेहतर, स्वस्थ भविष्य बनाने के उनके प्रयासों के बारे में जान सकें और भारत में हाथियों के संरक्षण में सामने आने वाले खतरों और चुनौतियों को समझ सकें। इन हाथियों का दिल दहला देने वाला अतीत सुन कर वह काफी निराश भी हुए।