वृंदावन वैष्णव कुंभ के पहले शाही स्नान के दौरान यमुना का जल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना था। संतों की भृकुटी तनने पर दौड़े अफसरों ने यमुना में सिल्ट सफाई कराई, लेकिन वृंदावन के लिए एक बूंद जल नहीं बढ़ सका है। ऐसे में एक बार फिर दूसरे शाही स्नान के दौरान संतों की संतुष्टि प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। यह भी निश्चित है कि संत-महात्मा यमुना में साफ पानी को लेकर संतुष्ट न हुए तो शासन की तरफ से माफी नहीं मिलेगी। ऐसा संकेत शासन की तरफ से यहां के प्रशासन को दे दिया गया है।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला 2021: यमुना किनारे श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के वैष्णव कुंभ में यमुना जल प्रशासन के लिए शुरू से ही बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। कुंभ शुरू होने से पहले ब्रजवासियों ने इसे लेकर प्रशासन को आगाह किया था। इसके बाद वृंदावन आए संत भी इस समस्या को लेकर प्रशासन से कहते रहे। अधिकारी नए तरीके बताते रहे कि प्रयागराज की भांति यमुना में शुद्धता लाई जाएगी, लेकिन पहले शाही स्नान ने व्यवस्था की पोल खोल दी।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला 2021: मथुरा डीएम और एसएसपी सुरक्षा का जायजा लेते हुए (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
अनेक संत बगैर स्नान ही वापस हो गए। बात जब लखनऊ तक पहुंची तो यमुना में शाही घाट और आसपास सिल्ट सफाई की गई। इसी व्यवस्था के भरोसे दूसरे शाही स्नान में संतों की संतुष्टि निर्भर है। हालांकि यमुना में अतिरिक्त जल की कोई व्यवस्था इस बार भी नहीं की है। एक फरवरी से जो जल यमुना को गंगा और ओखला से मिल रहा है, वही यथावत है।
दूसरे शाही स्नान के दौरान यमुना में प्रदूषित जल की स्थिति इस बार प्रशासन पर भारी पड़ सकती है। पहले ही लखनऊ स्तर से इसकी हिदायत दी जा चुकी है। इसी के बाद दो बार यमुना जल का जायजा लेने के लिए कमिश्नर भी वृंदावन आ चुके हैं। अब मंगलवार का शाही स्नान ही स्थिति स्पष्ट करेगा।
वृंदावन कुंभ मेला: संतों के साथ डीएम और एसएसपी मथुरा
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डीएम व एससपी संतों को मनाने में जुटे
पिछले करीब चार दिन से डीएम व एसएसपी कुंभ परिसर में संत-महंतों के साथ बैठक कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों का यही प्रयास है कि व्यवस्था व यमुना में पानी को लेकर कोई नाराजगी न हो जाए। सोमवार रात को भी संतों को मनाने का प्रयास जारी रहा।