वृंदावन कुंभ बैठक मेले में देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पहला शाही स्नान 27 फरवरी (शनिवार) को होगा। इस दिन माघ पूर्णिमा भी है। इसे लेकर कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ने लगी है।यमुना किनारे लगभग 56 हेक्टेयर क्षेत्र में बसे कुंभ नगर में आस्था के विधि रंग देखने को मिल रहे हैं। ब्रज की पावन रज में कहीं हठयोगी धूनी रमाए बैठे हैं तो कहीं योग हो रहा है। पंडालों में साधु-संतों के साथ श्रद्धालु भजन-कीर्तन कर रहे हैं। वहीं शाम होते ही देवरहा बाबा घाट पर स्वर्ण पुष्पों के साथ मां यमुना की महाआरती के स्वर गूंजने लगते हैं। वृंदावन कुंभ में कई संत अपने वाहनों से पहुंचे हैं। कोई एसयूवी कार लेकर आया है तो कोई बाइक लेकर पहुंचा है। इन बाबाओं की गाड़ियां भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं। वृंदावन कुंभ के लिए प्राइवेट कम्पनी पारस एविएसन ने हेलीकॉप्टर सेवा शुरू कर दी गई है। इससे श्रद्धालु हेलीकॉप्टर में बैठकर ब्रज दर्शन का आनंद उठा सकेंगे।
वृंदावन कुंभ मेला 2021: योगासन करते संत रामआसरेदास त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन कुंभ में यमुना तट पर संत योग कर रहे हैं। उनके साथ योग में उनके शिष्य भी शामिल हो रहे हैं। योग की यह कक्षा 107 साल के संत रामआसरेदास त्यागी के शिविर में देखी जा रही है। महाराज की योग क्लास में 40 से 50 भक्त शामिल होते हैं। वृंदावन में आयोजित कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में वर्षों से शामिल होते आ रहे महंत रामआसरे दास त्यागी महाराज का शिविर गोवर्धन धाम के नाम से लग चुका है। यहां भोर होते ही योग साधना शुरू हो जाती है।
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: योगासन करते संत रामआसरेदास त्यागी
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107 साल की उम्र में उनकी योग साधना लोगों को चकित करती है। एक बार योग आरंभ हुए तो 84 आसन पूरे होने के बाद ही वह रुकते नजर आते हैं। शिविर में महाराज के साथ रह रहे भक्त भी योग करते हैं। महाराज का चक्रासन में दोनों हाथ और दोनों पैर जमीन पर रखे होने के बाद तेजी से घूमना देखने वालों को चकित करता है। इसमें हाथों की मात्र तीन उंगलियों पर पूरे शरीर का वजन रखकर मयूर आसन को देख भी लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं।
वृंदावन कुंभ में तपस्वी खालसे में अयोध्या के खाक चौक के कई संत अपनी धूनी रमाए बैठे हैं। महंत भगवतदास ने बताया कि तपस्वी खालसे में बाबा भंडारी, मलखान बाबा, विजयरामदास सहित कई संत वृंदावन की इस पावन धरा पर लगे कुंभ में जनकल्याण की भावना लिए अपनी साधना में लीन हैं।
वृंदावन कुंभ में साधु-संतों की एसयूवी गाड़ियां भी वृंदावन की शोभा बढ़ा रही हैं। जितने बड़े संत हैं उनके पास उतनी महंगी कारें हैं। इनमें 20 से लेकर 50 लाख रुपये तक की लग्जरी कारें शामिल हैं। कई गाड़ियों के साथ इनके नंबर भी वीआईपी देखने को मिलेंगे। कई संतों ने जीप को मोडिफाई भी कराया है।
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: पंडाल के बाहर खड़ी गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या हनुमानगढ़ी के निर्वाणी अखाड़े के महंत धर्मदास महाराज के पास स्लेटी रंग की हॉक मॉडल की स्कॉर्पियो है। महंतश्री श्वेत वस्त्र पहनकर जब इस कार में सवार होते हैं तो एक अलग ही प्रभाव पड़ता है। वहीं ब्रजमंडल साधु समाज के अध्यक्ष व कोकिलावन धाम के महंत प्रेमदास महाराज के पास 1100 नंबर की सफेद रंग की फार्च्यूनर कार है।
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: अपनी जीप में सवार संत
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़े के महंत नागा केशवदास और नागा जगदीशदास के पास भगवा रंग की जीप है। कई संतों और महंतों के पास अपनी बुलेट है। वहीं कई संत स्कूटी और बाइक का भी प्रयोग करते हैं।
वृंदावन कुंभ में सबसे ज्यादा भीड़ यमुना के देवरहा बाबा घाट पर उमड़ती है। कुंभ में आने वाले श्रद्धालु इस घाट पर स्नान करते हैं। रोज यमुना मैया की आरती होती है। सोमवार को उत्तर प्रदेश युवा ब्राह्मण महासभा द्वारा वृंदावन कुंभ में देवरहा बाबा घाट पर स्वर्ण पुष्पों के साथ मां यमुना की महाआरती की गई। यमुना आरती में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।