कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तमाम भ्रांतियों के कारण लोग टीका लगवाने से घबरा रहे हैं। प्रशासन गांव-गांव टीमों को भेज रहा है, लेकिन ग्रामीणों की भ्रांतियां दूर नहीं हो पा रही हैं। कासगंज जिले में सोमवार को सोरों क्षेत्र के गांव खड़ेरी में अतिरिक्त जिलाधिकारी रितु सिरोही के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर ग्रामीण खेतों की ओर भाग गए। कोई गन्ने के खेत में छिप गया तो कोई झाड़ियों में। टीम के सदस्यों ने खेतों में छिपे ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए उन्हें टीकाकरण के फायदे बताए। इसके बाद ग्रामीण खेतों से बाहर निकले। जब ग्रामीणों की भ्रांतियां दूर हुईं तो टीकाकरण हो सका।
टीकाकरण के लिए व्यक्ति को पकड़कर ले जाती टीम
- फोटो : अमर उजाला
टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों की भ्रांतियां दूर करने और अभियान को तेज कराने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी रितु सिरोही टीम के साथ जुटी हुई हैं। इनकी टीम फिलहाल सोरों क्षेत्र में टीकाकरण कर रही है। उनकी टीम में तहसीलदार अजय कुमार, सोरों स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. हरीश कुमार शामिल हैं।
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गांव खड़ेरी में टीम के साथ अतिरिक्त जिलाधिकारी
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सोमवार को यह टीम क्षेत्र के गांव खड़ेरी में पहुंची। जैसे ही टीम ने टीकाकरण के लिए ग्रामीणों से कहा तो ग्रामीणों ने साफ मना कर दिया। अफसर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे थे। इस बीच ग्रामीणों को डर लगा कि कहीं जबरन टीकाकरण न कर दिया जाए। ऐसे में कई ग्रामीण गांव छोड़कर खेतों की ओर दौड़ पड़े और गन्ने के खेतों में जाकर छिप गए।
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कासगंज: टीका लगवाता युवक
- फोटो : अमर उजाला
टीम भी पहुंचकर गन्ने की फसल में ग्रामीणों को तलाशने में जुट गई। कई ग्रामीण गन्ने की फसल से बाहर निकाले गए, उन्हें जागरूक किया। उनके टीके लगवाए तब अन्य ग्रामीणों को भी भरोसा हुआ कि टीका सुरक्षित है और संक्रमण से बचाव करेगा। दोपहर तक 130 ग्रामीणों का टीकाकरण हुआ। गांव खड़ेरी के बाद टीम क्षेत्र के गांव नगला रामचंद्र में भी पहुंची। यहां भी टीम ने ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।
गांव खड़ेरी में टीम के साथ अतिरिक्त जिलाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी रितु सिरोही ने कहा कि टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन तमाम ग्रामीण टीका लगवाने को तैयार नहीं हो रहे थे। खड़ेरी में तो ग्रामीण गन्ने की फसल में जाकर छिप गए। उन्हें तलाश कर बाहर निकाला और जागरूक किया। तब वहां टीकाकरण हुआ।