कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिसवालों की हत्या करने का मुख्य आरोपी विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। शुक्रवार की सुबह इसकी खबर मिलने के बाद आगरा और मथुरा जिले के शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सुकून मिला। उन्होंने कहा कि विकास दुबे के एनकाउंटर से शहीदों की आत्मा को शांति मिली है। अब पुलिस के साथ गद्दारी करने वालों को भी ढूंढ निकालना चाहिए। गद्दारों को भी कड़ी सजा मिले।
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शहीद बबलू कुमार और जितेंद्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिकरू गांव में दो जून की रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गईं थीं। इसमें सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इनमें मथुरा निवासी सिपाही जितेंद्र पाल और आगरा के गांव पोखर पांडेय निवासी सिपाही बबलू कुमार भी शामिल थे।
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विकास दुबे की गिरफ्तारी के वक्त की तस्वीर
- फोटो : ani
गुरुवार को विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार की सुबह यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लेकर आ रही थी। रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसी दौरान विकास ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। एनकाउंटर में दुर्दांत अपराधी ढेर हो गया।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एनकाउंटर पर शहीद जितेंद्र पाल के पिता तीर्थराज सिंह ने कहा कि वो यूपी पुलिस को धन्यवाद देना चाहते हैं कि विकास दुबे जैसे बदमाश का एनकाउंटर किया है। मुझे यूपी पुलिस पर गर्व है।
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शहीद जितेंद्र के पिता तीर्थराज सिंह
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थराज ने कहा कि विकास दुबे के एनकाउंटर से शहीद पुलिसकर्मियों की आत्मा को शांति मिली है। अब उन लोगों को ढूढ़ना चाहिए, जिन्होंने पुलिस के साथ गद्दारी की थी। उन गद्दारों को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आगरा के शहीद बबलू कुमार के पिता छोटेलाल का कहना है कि विकास दुबे का एनकाउंटर कर पुलिस ने सराहनीय काम किया है। विकास दुबे के बाकी बचे साथियों का भी एनकाउंटर किया जाना चाहिए। शहीद के भाई दिनेश ने कहा कि विकास दुबे की मदद करने वालों का भी एनकाउंटर होना चाहिए।