आगरा के दयालबाग में वसंती उल्लास है। यहां चार दिवसीय वसंत महोत्सव की शुरुआत आज से हो रही है। इसके लिए प्रेम नगर, विद्युत नगर, स्वामी नगर और श्वेत नगर में भव्य सजावट की गई है। पीले रंग के फूल-पत्तियों से घर सजाए गए हैं। इसी रंग से तोरण द्वार बनाए गए हैं। आस्था और विश्वास की इस 'अद्भुत धरती' पर दुनियाभर से सत्संगी आएंगे।
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दयालबाग में सजाया गया घर
- फोटो : अमर उजाला
वसंत पंचमी 30 जनवरी को है। दयालबाग में यह पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। पहले दिन खेलकूद प्रतियोगिता से महोत्सव का शुभारंभ होगा। 28 जनवरी को खेतों पर बेबी शो किया जाएगा और 29 को जिमनास्टिक प्रतियोगिता कराई जाएगी। 30 जनवरी को विद्युत सजावट शब्द पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। चार दिवसीय महोत्सव में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड समेत दुनियाभर से लगभग 20 हजार सत्संगी शामिल होंगे।
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स्वामीबाग समाध
- फोटो : अमर उजाला
दयालबाग के मीडिया प्रभारी डॉ. एसके नैयर ने बताया कि 1861 में वसंत पंचमी के शुभ दिन ही परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज ने सर्वसाधारण के लिए सत्संग प्रारंभ किया और राधास्वामी मत उद्घाटित हुआ। वसंत के दिन ही 20 जनवरी 1915 को राधास्वामी मत के पांचवें आचार्य परम पूज्य हुजूर साहब जी महाराज ने मुबारक कुएं के निकट शहतूत का पौधा लगाकर दयालबाग कॉलोनी की नींव रखी।
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दयालाबाग का प्राचीन मुबारक कुआं
- फोटो : अमर उजाला
अगले दिन दयालबाग में शिक्षा की इमारत (आरईआई जो अब दयालबाग विश्वविद्यालय के दीक्षांत भवन परिसर के नाम से प्रसिद्ध है) की नींव भी रखी। स्वामी जी महाराज फरमाते थे कि एक दिन यहां सत्संग के लिए बड़ी कॉलोनी बनेगी। यह मुबारक कुआं और शहतूत का वृक्ष आज भी संरक्षित है।
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दयालबाग में खरीददारी करतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
दुकानों पर पीला दुपट्टा, कुर्ता, शर्ट, टोपी, बैग समेत अन्य सामान की खरीदारी के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। वसंत पर्व पर तोरण द्वार आकर्षण का केंद्र हैं। दयालबाग शिक्षण संस्थान, दयालबाग मानसरोवर गार्डन की सजावट भी आकर्षित कर रही है।
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दयालबाग में वसंत उत्सव की धूम
- फोटो : अमर उजाला
स्वामी नगर मोहल्ला के सरपंच महाराज त्यागी ने बताया कि वसंत पर्व की तैयारियों के लिए जबरदस्त उत्साह है। महिला-पुरुष घरों की सजावट कर रहे हैं। विद्युत झालर और पीले रंग की झालर सभी घरों पर लगाई जा रही है। अर्श चौधरी ने कहा कि घर की सफाई में हाथ बंटाने के साथ ही रंगबिरंगी विद्युत झालर लगा रहा हूं। पीले रंग के कपड़े भी खरीदे हैं, परिवार के साथ महोत्सव मनाएंगे।
रीटा सत्संगी ने बताया कि वसंत पर्व पर तहरी विशेष पकवान बनता है, यह पीले रंग के चावल और मेवा डालकर बनाया जाता है। इसकी तैयारियां कर ली हैं। डी सुरत ने कहा कि परिवार के साथ घर को सजाने में जुटी हूं। फुलवारी में कई पौधे लगाए हैं। पीले रंग की कृत्रिम फूल-बत्तियों से गेट और आंगन सजाया है।