अंकिता जैन ने बताया कि वह आईएएस के तौर महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए काम करना चाहेंगी। वहीं, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले जो बच्चे पढ़ नहीं पाते, उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना चाहती हैं। जिससे वह देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।