आगरा में तीन परिवारों के चिराग एक हादसे ने बुझा दिए। इसके बावजूद पुलिस और अफसर बेदर्द बने रहे। न गिरफ्तारी हुई न ही चालक की पहचान हो सकी। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 15 लाख ले लिए। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की। अब पीड़ित परिवार की भी नहीं सुनी जा रही है। हंगामे के दाैरान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने आरोप निराधार बताए। कहा कि जांच कराई जाएगी।
गिहारा बस्ती निवासी साजन एक जूता फैक्टरी में कार्य करता था। पत्नी रेनू ने बताया कि वह अपने माैसेरे भाई रितिक के साथ घटना वाले दिन घर आ रहा था। सड़क पर खड़े होकर ऑटो का इंतजार कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार कार आई। पहले बाइक लेकर खड़े रिश्तेदार आशुतोष को टक्कर मार दी। बाद में तीनों को राैंदने के बाद ऑटो से टकरा गई। हादसे दोनों रिश्तेदारों की माैके पर मृत्यु हो गई।
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