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Exit Polls 2024: ब्रज की जिन तीन सीटों पर भाजपा ने किया क्लीन स्वीप, वहां कांटे का मुकाबला; जानकारों का आंकलन

Sun, 02 Jun 2024 08:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
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Exit Polls 2024 - फोटो : अमर उजाला
UP Exit Polls Result 2024: ब्रज क्षेत्र की छह लोकसभा सीटों में से भाजपा ने 2019 के चुनाव में पांच सीटों पर क्लीन स्वीप किया था। इन पांच सीटों में आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, फिरोजाबाद और एटा शामिल हैं। वहीं मैनपुरी में सपा के मजूबत किले को भाजपा नहीं हिला पाई थी। वहीं अब लोकसभा चुनाव 2024 के सर्वे में तीन सीटों पर मामला फंसा हुआ नजर आ रहा है। ये तीन सीट हैं फिरोजाबाद, एटा और फतेहपुर सीकरी। हालांकि फिरोजाबाद को छोड़कर भाजपा ने एटा और फतेहपुर सीकरी पर पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है। एटा से से सपा को शाक्य प्रत्याशी मैदान में उतारने की वजह से फायदा मिलता नजर आ रहा है, वहीं फिरोजाबाद की बात करें तो यहां सपा प्रत्याशी अक्षय यादव को जिस तरह चाचा का साथ मिला, उससे बढ़त मिलती नजर आ रही है। 

 
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अक्षय यादव और शिवपाल यादव - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद पर चाचा शिवापाल का साथ
फिरोजाबाद लोकसभा की बात करें तो यहां पिछले लोकसभा चुनाव में चाचा शिवपाल यादव अपने भतीजे अक्षय यादव के विरोध में खड़े हुए थे। वो एक बड़ा वोट बैंक काटकर अपने खाते में ले गए। माना जा रहा था कि इसी वजह से सपा को फिरोजाबाद सीट गवांनी पड़ गई और इसका फायदा सीधे भाजपा प्रत्याशी को मिला। इस चुनाव में चाचा शिवपाल यादव अपने भतीजे अक्षय यादव के साथ खड़े नजर आए। इस वजह से जानकार मान रहे हैं कि इस सीट पर सपा वापस अपना कब्जा जमा सकती है। 


 
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देवेश शाक्य और राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया - फोटो : अमर उजाला
एटा पर शाक्य प्रत्याशी से भाजपा आ सकती है मुश्किल में
बात करें एटा लोकसभा सीट की तो यहां से भाजपा के राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया के सामने सपा ने देवश शाक्य को चुनाव मैदान में उतारा। यहां यादव और शाक्य मतदाताओं की एकजुटता का सपा को फायदा मिल सकता  है। 2019 लोकसभा चुनाव में एटा सीट से बीजेपी के राजवीर सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्हें 5,45,348 वोट मिले थे, वहीं सपा के देवेंद्र यादव 4,22,678 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे। 

 

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राजकुमार चाहर और रामनाथ सिकरवार - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ नाराजगी पड़ सकती है भारी
वहीं यूपी की चर्चित सीटों में शुमार फतेहपुर सीकरी लोकसभा की बात करें, तो यहां भी भाजपा फंसी नजर आ रही है। चुनावी जानकार बता रहे हैं कि इसकी वजह भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध और भाजपा के विधायक चौधरी बाबूलाल द्वारा निर्दलीय अपने बेटे रामेश्वर चौधरी को चुनाव मैदान में उतारना माना जा रहा है। यहां लड़ाई गठबंधन प्रत्याशी रामनाथ सिंह सिखरवार से नजर आ रही है। 

 
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भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल और सपा के सुरेश चंद कर्दम - फोटो : अमर उजाला
आगरा में भाजपा को बढ़त
चुनावी जानकार बता रहे हैं कि आगरा लोकसभा पर भाजपा को हिला पाना काफी मुश्किल है। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रो. एसपी सिंह बघेल काफी स्ट्रोंग पोजीशन में नजर आ रहे हैं। वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी सुरेश चंद कर्दम और बसपा प्रत्याशी पूजा अमरोही की स्थिती बहुत अच्छी नहीं मानी जा रही है। 
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डिंपल यादव और ठाकुर जयवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में सपा मजबूत
मैनपुरी संसदीय सीट पर मतदाताओं के दावे के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को बढ़त मिलती नजर आ रही है। यहां भाजपा प्रत्याशी ठाकुर जयवीर सिंह ने हालांकि काफी जोर शोर से प्रचार किया, लेकिन मैनपुरी में सपा के मजबूत किले को तोड़ पाना आसान नहीं दिख रहा है। 
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हेमा मालिनी - फोटो : सोशल मीडिया
हेमा मालिनी के लिए तीसरी बार जीत का दावा 
मथुरा की बात करें तो प्रत्याशी और पार्टी फिर से जीत के गुणा-भाग में जुट गई हैं। भाजपा का तीन लाख मतों से जीत का दावा है। वहीं, बसपा दो और कांग्रेस एक लाख मतों से जीत का अनुमान लगाकर चल रही है। भाजपा के जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय का दावा है कि मथुरा में भाजपा की प्रत्याशी हेमामालिनी 3 लाख से अधिक मतों से जीत रही हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा ने बताया कि प्रत्याशी मुकेश धनगर एक लाख मतों से जीत हासिल करने जा रहे हैं। 
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