आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 85 वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को स्वस्थ और सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक बेटियां स्वस्थ नहीं होंगी, तब तक देश कुपोषण मुक्त नहीं हो सकता। समारोह में उन्होंने 108 मेधावियों को 121 मेडल प्रदान किए।
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दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ कुलपति व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय द्वारा 650 छात्राओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट कराया गया था। इसमें से 22 फीसदी छात्राओं के खून में हिमोग्लोबिन 10 फीसदी से भी कम है। इस पर उन्होंने चिंता जाहिर की। कहा कि जब हमारी बेटियां ही स्वस्थ नहीं होगी तो आने वाली पीढ़ी स्वस्थ कैसे हो सकती है।
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
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आनंदीबेन ने कहा कि देश अभी कुपोषण मुक्त नहीं है। देश को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए बच्चे के गर्भ में आने से लेकर उसके जन्म लेने तक केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि स्वस्थ बच्चा जन्म ले। मगर, जब तक बेटियों के स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखा जाएगा, तब तक देश कुपोषण मुक्त नहीं होगा।
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दीक्षांत समारोह में शामिल राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, कुलपति व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण में मेधावी छात्र-छात्राएं अपना योगदान दें। बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ युवा खड़े हों। अपने परिवार में नाबालिग भाई या बहन के विवाह का विरोध करें। जब सामूहिक विवाह के माध्यम से प्रदेश सरकार बेटी के विवाह का पूरा खर्च उठा रही है तो बाल विवाह की आवश्यकता क्या है।
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सबसे अधिक पदक पाने वाली आकांक्षाराज्यपाल, मुख्यमंत्री के कुलपति के साथ मंच पर
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राज्यपाल ने भ्रूण हत्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गुजरात में लिंगानुपात सुधार के लिए वर्ष 2003 से काम हो रहा है। युवाओं को भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता की अलख जगानी होगी। राज्यपाल ने 80 फीसदी मेडल छात्राओं के मिलने पर खुशी जाहिर की।
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छात्रा को प्रमाण पत्र प्रदान करतीं राज्यपाल
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राज्यपाल ने दहेज रहित विवाह के लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। कहा कि जब गोल्ड मेडल हासिल कर उन्होंने अपनी काबलियत का लोहा मनवाया दिया है तो अपने दम पर अपना भविष्य संवारे। उन्होंने बेटियों से भी ऐसे रिश्तों का विरोध करने को कहा, जो दहेज मांग रहे हों।
उन्होंने कहा कि गोवंश को बचाने के लिए तमाम आंदोलन चलाए जा रहे हैं मगर, प्लास्टिक को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। हमारी गलती की वजह से पशुओं का जीवन खतरे में पड़ रहा है। इसलिए प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित करना होगा।