आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 471 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान योगी सरकार ने किया है। पिछले साल 2020-21 में 286 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं वर्ष 2017 में 10 करोड़ मिले। कुल करीब 767 करोड़ बजट में मिल चुके हैं। आगरा मेट्रो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के मुताबिक पूरी परियोजना पर 8,663 करोड़ खर्च रुपये होंगे।
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Agra Metro: मेट्रो का कार्य करतीं मशीनें
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि विगत वर्ष सात दिसम्बर को पीएम मोदी ने आगरा मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। पीएसी की जमीन पर आगरा में मेट्रो डिपो निर्माण के लिए 112 करोड़ और तीन एलिवेटेड स्टेशन निर्माण के लिए 273 करोड़ से कार्य चल रहा है। करीब 385 करोड़ के कार्य निर्माणधीन हैं।
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फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
3 भूमिगत स्टेशन के होंगे टेंडर
आगरा में पहले चरण में 7 किमी लम्बे प्राथमिक कॉरिडोर का निर्माण होगा। इसमें 3 एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन समेत कुल छह स्टेशन बनेंगे। यूपीएमरसी अधिकारी ने बताया सोमवार को बजट में 471 करोड़ मिलने से जल्द भूमिगत स्टेशनों की लंबित टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो सकती है। प्रोजेक्ट के निर्माण में तेजी आएगी। तीनों स्टेशन के लिए टनल खोदी जाएगी।
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पीएम मोदी ने बटन दबाकर किया आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
80 फीसदी केन्द्रांश, 20 फीसदी राज्यांश
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि 8600 करोड़ के प्रोजेक्ट में 80 फीसदी केन्द्रांश है जबकि 20 फीसदी राशि राज्य सरकार खर्च करेगी। पूरे प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें अब तक सरकार ने लगभग 767 करोड़ आवंटन किया है। 2024 तक प्रोजेक्ट पूर्ण होना है। बाकी बजट केंद्र सरकार से खर्च करेगी।
फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी में मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने की समयसीमा बदल गई है। दिसंबर 2022 तक प्रस्तावित प्राथमिकता कॉरिडोर मार्च 2024 तक पूरा होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने काम पूरा करने की नई समयसीमा घोषित की थी। प्राथमिकता कॉरिडोर के साथ ही सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक पहले चरण का काम 2025 की जगह अब 2026 में खत्म होगा। आगरा मेट्रो परियोजना में फिलहाल 7 किमी में 6 स्टेशनों के बीच मेट्रो चलाने की योजना है। शहरी कार्य एवं विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने एक दिसंबर 2020 को आगरा में मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान दिसंबर 2022 तक प्राथमिकता कॉरिडोर पर ट्रेन दौड़ाने का दावा किया था। कुछ समय बाद ही यूपीएमआरसी ने प्राथमिकता कॉरिडोर को पूरा करने की समय सीमा को 15 महीने बढ़ा दिया। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि टनल खुदाई के कार्य में अधिक समय लगता है। शहरी क्षेत्र में घनी आबादी के बीच टनल खोदाई होगी। इसलिए समय सीमा में थोड़ा बदलाव हुआ है।