उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या के मामले में रोज नई बातें सामने आ रही हैं। शुक्रवार को दीवानी कचहरी के कई वकीलों ने बताया कि यह वारदात इसलिए भी चौंका रही है क्योंकि इससे थोड़ी देर पहले ही उन्होंने दरवेश और मनीष को फूट-फूटकर रोते हुए देखा था। दोनों काफी दिनों बाद मिले थे, बेहद भावुक हो गए थे। वकील इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि थोड़ी देर में ही ऐसा क्या हो गया जो मनीष ने दरवेश की जान लेकर खुदकुशी की कोशिश की।
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दीवानी में स्वागत के समय स्व.दरवेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
12 जून की दोपहर को पौने तीन बजे एडवोकेट अरविंद मिश्रा के चेंबर पर यह वारदात हुई थी। इससे पहले सुबह नौ बजे जब भगवान टाकीज चौराहे से दरवेश यादव का स्वागत समारोह शुरू हुआ तो उनकी नजरें मनीष शर्मा को ही ढूंढ रही थीं। दोनों के नजदीकी वकीलों ने बताया कि दरवेश ने पूछा कि मनीष क्यों नहीं है? जवाब न मिलने पर दस बजे वह उसी चेंबर पर पहुंच गई जहां 2004 से अप्रैल 2019 तक साथ बैठा करते थे। इसी चेंबर में काफी समय इन दोनों के साथ काम करने वाले एक अधिवक्ता का कहना है कि दरवेश ने वहां आते ही मनीष के बारे में पूछा? जवाब मिला, वह नहीं आया है।
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यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जब दरवेश ने देखा कि वहां से उनकी कुर्सी हटा दी गई है तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। वह बहुत भावुक हो रही थीं। उन्होंने कहा कि मनीष को बुलाओ। इसी पर साथी वकीलों ने मनीष को फोन किया। वह साढ़े दस बजे पहुंचा। चिंताहरण मंदिर पर दोनों की मुलाकात हुई। यहां मौजूद रहे अधिवक्ताओं में से दो ने बताया कि दोनों बहुत भावुक थे, मनीष को देखते ही दरवेश की आंखों से आंसू निकल आए थे, मनीष भी रोने लगा। लगभग आधा घंटा मुलाकात चली। इस दौरान लोगों ने दरवेश के साथ मनीष को भी माला पहनाईं। मनीष और दरवेश ने एक -दूसरे को मिठाई खिलाई। उस समय वहां इंस्पेक्टर सतीश यादव मौजूद नहीं था।
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दीवानी में स्वागत के समय दरवेश यादव हत्यारोपी मनीष के साथ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दरवेश और मनीष के करीबी वकीलों का कहना है कि जब दोनों की मुलाकात हो गई तो कई दोस्तों को यह हजम नहीं हुआ। ये वही लोग थे जो दोनों के बीच दूरियां बढ़ाने में लगे थे। वे लोग मनीष को अकेले में ले गए। मनीष चेंबर पर चला गया। यहां उन लोगों ने मनीष से बात की। इसके बाद वह गुस्से में नजर आया। करीबी लोगों का यह अनुमान है कि उसे शायद यह बताया गया था कि इंस्पेक्टर सतीश यादव भी आया हुआ है। इसके बाद जब अरविंद मिश्रा के चेंबर पर मनीष ने सतीश को देखा तो उसका गुस्सा भड़क गया था।
पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए जिन आठ लोगों को बुलाया है, उनमें इंस्पेक्टर सतीश यादव का भी नाम है। वह चश्मदीद है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उससे पूछा जाएगा कि वह अपनी ड्यूटी छोड़कर दरवेश यादव के स्वागत समारोह में क्यों आए? मनीष उन्हें देखकर क्यों भड़क गया? क्या उस समय कोई बात हुई थी? या फिर पहले से कोई बात चली आ रही थी? न्यू आगरा थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सभी चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इनमें सतीश भी शामिल है।