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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष हत्याकांडः मनीष और दरवेश के बीच चल रही थी 'रिश्तों की जंग'

Mon, 17 Jun 2019 03:53 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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दीवानी में स्वागत के समय दरवेश यादव हत्यारोपी मनीष के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या की वजह से धीरे-धीरे पर्दा उठ रहा है। यह तो पहले से ही साफ हो गया था कि मनीष को गुस्सा दरवेश के साथ सतीश को देखकर आया था। मनीष और दरवेश के करीबी वकीलों का कहना है कि तीन महीने से दोनों के बीच बोलचाल बंद थी। इसकी वजह यह थी कि दरवेश की जिंदगी में मनीष की जगह इंस्पेक्टर सतीश ने ले ली थी। 
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दीवानी में स्वागत के समय स्व.दरवेश यादव - फोटो : अमर उजाला
तीनों के फेसबुक एकाउंट को खंगालने पर भी रिश्तों की यह कहानी बयां हो रही है। दरवेश और मनीष शर्मा के  साथ काम कर चुके एक वकील ने बताया कि दोनों घनिष्ठ थे। दरवेश यूपी बार काउंसिल की सदस्य, उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष बनीं तो इसमें मनीष शर्मा की भी भूमिका रही। वह प्रचार से लेकर वोटों के इंतजाम तक में हर कदम पर जी जान से जुटा रहा।
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यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मनीष के फेसबुक एकाउंट पर उसकी मेहनत नजर आती है लेकिन पिछले तीन महीनों में उसने दरवेश का कोई फोटो, उनके बारे में कोई पोस्ट फेसबुक पर नहीं डाली। साथी वकील बताते हैं कि सात महीने पहले दरवेश के घर सतीश का आना जाना शुरू हुआ। वह दरवेश को दीदी कहता था। फेसबुक पर भी उसने यही लिखा है कि बड़ी दीदी दरवेश की जीत पर बधाई। ज्यों ज्यों सतीश पर दरवेश का भरोसा बढ़ रहा था, त्यों त्यों मनीष से दूरी बढ़ रही थी। यह फेसबुक पर भी नजर आ रहा है और दोनों के करीबी भी यही बता रहे हैं। दरवेश के फेसबुक एकाउंट पर कई महीने पहले मनीष के फोटो नजर आते हैं लेकिन इसके बाद नहीं।

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दरवेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
दरवेश के भतीजे सनी यादव ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसमें लिखा है कि मनीष ने दरवेश का पैसा, जेवर और चेंबर हड़प लिए। इससे पता चलता है कि दोनों कभी कितने घनिष्ठ रहे होंगे कि  दरवेश ने अपना पैसा और गहने उसे सौंप दिए। 12 जून को दरवेश के स्वागत समारोह में सतीश यादव ड्यूटी छोड़कर सुबह ही पहुंच गया था जबकि मनीष नहीं आया था। उसे दरवेश ने फोन करवाकर बुलाया। 
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घटनास्थल पर पहुंचे एडीजी अजय आनंद को घटना के बारे में जानकारी देते जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने अभी तक जिन चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं, उनमें यही बात सामने आई है कि एडवोकेट मनीष को गुस्सा इंस्पेक्टर सतीश को देखकर आया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसकी पड़ताल के लिए सतीश के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन भी निकलवा रही है। इससे पता चलेगा कि सतीश स्वागत वाले दिन ही ड्यूटी छोड़कर आया था या फिर पहले भी कई बार आ चुका था। दीवानी कचहरी के कई वकील यह बात बता रहे हैं कि सतीश को दरवेश के साथ कई बार देखा गया।
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