उत्तर प्रदेश के आगरा में सड़क हादसे में दो एमबीबीएस छात्रों की माैत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। जब छात्र सिद्ध गर्ग का शव घर पहुंचा तो मां गश खाकर गिर पड़ी। हर किसी की आंखें नम हो गईं।
आगरा में हाईवे पर आईएसबीटी के पास सड़क हादसे में मृत एमबीबीएस छात्र सिद्ध गर्ग का शव देर रात घर पहुंचा। अपनी आंखों के तारे को इस हाल में देख मां नीरू गश खाकर गिर पड़ीं। बार-बार बेटे के साथ में की बातें याद कर चीत्कार करने लगीं। मां का हाल देखकर परिजन के साथ रिश्तेदारों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे कर्मयोगी क्षेत्र में शेाक की लहर थी। हर कोई सिद्ध के मृदु व्यवहार को याद कर गमगीन हो गया।
सोमवार सुबह अंतिम संस्कार के दाैरान परिवार की महिलाओं का करुण क्रंदन देखकर हर किसी का गला रुंध गया। काॅलेज की छुट्टी के बावजूद भी अंतिम यात्रा में एसएन मेडिकल काॅलेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राएं घर से आकर शामिल हुए। वहीं सिद्ध के साथ हादसे में मृत हरदोई के तनिष्क के परिवार के लोग देर रात पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। पुलिस ने उन्हें हादसे के बारे में जानकारी दी। रोते बिलखते शव को लेकर रात में ही हरदोई के लिए रवाना हो गए।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार शाम कमलानगर कर्मयोगी एंक्लेव के रहने वाले एसएन मेडिकल काॅलेज के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सिद्ध गर्ग और उनके सहपाठी हरदोई की आवास विकास काॅलोनी के तनिष्क गुप्ता की बाइक आईएसबीटी के निकट डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में दोनों की इलाज के लिए ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। परिवार के निवेदन पर देर रात ही पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया था।
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road accident in agra
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर रात डेढ़ बजे जब सिद्ध का शव उनके निवास पर पहुंचा तो मां नीरू की शव को देखते ही चीख निकल गई। जवान बेटे का शव देखकर वह गश खाकर गिर पड़ीं। पानी की छींटे मारने पर जब होश आया तो बेटे के शव से लिपट कर बार-बार थोड़ी देर में आने की बोलकर जाने की बात कहने लगी। मां का हाल देखकर हर किसी की आंखों से आंसू निकल आए।
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Road Accident In Agra
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह उनकी कालोनी में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। हर कोई सिद्ध के व्यवहार और उसकी पढ़ाई में रुचि के बारे में ही बात कर रहा था। सेामवार सुबह दस बजे जब अंतिम यात्रा निकली तो परिवार की महिलाओं और रिश्तेदारों के आंसू देखकर हर कोई गमगीन हो गया। सैकड़ों की भीड़ के साथ शव यात्रा ताजगंज पहुंची। छोटे भाई को मुखाग्नि देते समय बड़े भाई साॅफ्टवेयर इंजीनियर अक्षत गर्ग के हाथ कांपने लगे। चचेरे भाइयों ने उन्हें ढांढस बंधाकर अंतिम संस्कार करवाया।
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परिवार में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खानदान में पहला डाॅक्टर बनने जा रहा था
पिता जनरेटर कारोबारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि बेटे पर उन्हें गर्व था। वह उनके पूरे परिवार में पहला डाॅक्टर बनने वाला था। उसके भोले भाले चेहरे और मृदुभाषा को हर कोई पसंद करता था। वह बेटे से हमेशा एक दोस्त की तरह ही बात करते थे। वह और उसके ग्रुप के सभी दोस्त अपनी हर बात उनसे साझा कर लेते थे।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ताऊ मुकेश कुमार ने बताया कि कालोनी में पचास मीटर के अंदर चारों भाइयों के घर हैं। परिवार में कोई भी किसी के भी घर में रह जाता है। घर से जाने से कुछ घंटे पहले ही सिद्ध घर आया था, काफी देर बैठ कर अपने कालेज और पढ़ाई के बारे में बताता रहा। उसके चिकित्सक बनने का पूरे परिवार को बेसब्री से इंतजार था।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10वीं और 12वीं में 95 प्रतिशत लाए और पहली बार में नीट किया क्वालीफाई
पिता राजेश अग्रवाल ने बताया कि सिद्ध पढ़ने में बहुत होशियार था। 10वीं में आने के बाद उसने हर परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। पहली बार में नीट क्वालीफाई करने पर आगरा में वैश्य समाज के लोगों ने बड़ा आयोजन कर बेटे का सम्मान किया था। उसे सरकारी सीट मिली थी। सभी रिश्तेदार और कालोनी में हर कोई बेटे को डाक्टर साहब कहकर बुलाता था। यह सुन कर हमारा भी सीना गर्व से चाैड़ा हो जाता था। बेटे के ऐसे छोड़कर जाने का गम अब जीवन भर साथ रहेगा।
28 नवंबर को प्रैक्टिकल परीक्षा समाप्त होने के बाद छुट्टी पर घर गए दोस्तों को जब हादसे की जानकारी हुई तो मथुरा और आसपास के जिलों से उनके सहपाठी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। एसएन मेडिकल के तमाम छात्र-छात्राओं को रोता देख सीनियर्स ने उन्हें चुप कराया।