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169 जिंदगियां बचाने वाले शहीद को याद कर गर्वित हो रहा आगरा

Tue, 11 Jul 2017 07:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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प्रमोद कुमार - फोटो : social media
अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 169 लोगों की जान बचाने वाले अपने लाल को याद कर ताजनगरी गर्व महसूस कर रही है। बस गम इतना है कि वह लौटकर फिर उनकी आंखों के सामने न आ सका। फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार के हेलीकॉप्टर की वह आखिरी उड़ान उन्हें हम सबसे हमेशा के लिए दूर ले गई।   
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प्रमोद कुमार - फोटो : social media
बता दें कि आगरा के इरादतनगर के पास छत्तापुरा के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार की रेस्क्यू आपरेशन के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश होने से मौत हो गई। नौ सालों से उनका परिवार आगरा में शमसाबाद रोड स्थित नालंदा टाउन में रह रहा है। प्रमोद की शहादत की खबर सुनकर गांव से लेकर शहर तक  शोक की लहर है, साथ ही उनके अदम्य साहस पर सभी को गर्व है।
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प्रमोद कुमार - फोटो : social media
प्रमोद के पड़ोसी अजय सिसौदिया ने बताया कि प्रमोद की शहादत से पूरी कालोनी गम में डूब गई है। वे सभी के लाड़ले थे। उनका यह महान काम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए 169 लोगों की जान बचाई। 

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प्रमोद कुमार - फोटो : social media
प्रमोद के दोस्त बताते हैं कि मौसम विपरीत था लेकिन वह घबराए नहीं। उनके पूरे परिवार का इतिहास वीरता से भरा हुआ है। प्रमोद कुमार की पत्नी अदिति भी वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर हैं। प्रमोद के बड़े भाई सेना में मेजर हैं। पिता राम निवास सिंह सेना से रिटायर्ड हैं। राम निवास पत्नी पुष्पा के साथ नालंदा टाउन की कोठी नंबर 79 में रहते हैं। वे लोग यहां 2008 में आए थे। 
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प्रमोद कुमार - फोटो : social media
नालंदा टाउन के लोगों ने बताया कि छुट्टियां मिलने पर प्रमोद नालंदा टाउन में माता-पिता के पास आते थे। वह बहुत ही मिलनसार थे। कालोनी के लोगों से सुख-दुख बांटते थे। युवक उनसे अक्सर यही पूछते थे कि उनके जैसा बनने के लिए कितनी मेहनत करनी होगी। उनकी शहादत के बाद सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि दी गईं। पिछले मंगलवार को तेजपुर में उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। तेजपुर में ही पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
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