फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये कैसा यातायात माह: चौराहों से अतिक्रमण हटा न ट्रैफिक लाइट हुई चालू, ताजनगरी में त्योहार पर जाम से लोग परेशान

Wed, 03 Nov 2021 10:45 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
आगरा: बिजलीघर चौराहे पर खड़े ऑटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन में सोमवार से यातायात माह की विधिवत शुरूआत तो हो गई, लेकिन शहर की सड़कों से जाम की समस्या का निदान नहीं हो सका। बंद कमरों में पुलिस अधिकारियों के प्लान का भी असर नहीं नजर आ रहा है। चौराहों से अतिक्रमण हटा न ट्रैफिक सिग्नल चालू हो सके। सड़क निर्माण से लेकर जेब्रा क्रासिंग बनाने, टूटे डिवाइडर सही कराने और अनावश्यक पोल को रास्ते से हटाने तक का काम नहीं हो सका है। तत्कालीन आईजी नवीन अरोरा ने शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कवायद की थी। सात दिन तक बैठक करके मंथन किया गया था। इसके बाद प्लान तैयार किया गया था। दस चौराहे हरीपर्वत, देहली गेट, बोदला, राजपुर चुंगी, रामबाग, वाटर वर्क्स, बिजलीघर, मधूनगर, खेरिया मोड़ और भगवान टाकीज को चिह्नित किया गया था। इन पर 45 दिन तक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी थी। जेब्रा क्रॉसिंग आर स्टाप लाइन का पालन कराना था। सौ मीटर की दूरी पर वाहनों पार्किंग की जानी थी। ट्रैफिक सिग्नल चालू होने थे। गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कार्रवाई होनी थी। मगर, चौराहें पर यातायात नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। पुलिस का फ्लाइंग स्क्वैड भी कहीं नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन

2 of 6
आगरा: यातायात माह में हरीझंडी दिखाकर गाड़ियां हुई रवाना - फोटो : अमर उजाला
हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें
लोग वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें। चार पहिया वाहनों को चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। इससे जहां नियमों का पालन होगा, वहीं जीवन भी सुरक्षित रहेगा। यह बात एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में यातायात माह की शुरूआत पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
विज्ञापन

3 of 6
आगरा: यातायात माह के शुभारंभ पर एडीजी व अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की शुरूआत एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने फीता काटकर की। कार्यक्रम में यातायात उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इनमें बाडी वार्न कैमरा, कार डैसबोर्ड कैमरा, व्हील क्लैंप, लाउड हेलर, ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड रडार, गैस एनालाइजर, ई-चालान, रिमोट एरिया लाइट सिस्टम, लक्स मीटर, स्मोक मीटर, डेसीबल मीटर, आदि को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद यातायात जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान आईजी रेंज नचीकेता झा, एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, एसपी आरए पश्चिमी प्रभारी एसपी ट्रैफिक सत्यजीत गुप्ता आदि मौजूद रहे।

4 of 6
आगरा: बंद पड़ी यातायात की लाइटें - फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा चौराहा : आटो की पार्किंग चौराहे के पास ही हो रही है। हाईवे से बोदला रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर जाम की हालात रहते हैं। दुकानों के बाहर अतिक्रमण होता है। ट्रैफिक का संचालन बिना लाइट के हो रहा है। इस कारण वाहन बेतरतीब निकलते रहते हैं।

बोदला चौराहा : शाहगंज रोड की तरफ सड़क का निर्माण हो गया है। मगर, जाम से मुक्ति नहीं मिल सकी है। इसकी वजह है सड़क पर खड़े रहने वाले ऑटो और रिक्शा। दुकानों के बाहर वाहन खड़े होने से रोजाना जाम लग रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बोदला से सिकंदरा और जगदीशपुरा पर है।
विज्ञापन

5 of 6
आगरा: भगवान टॉकीज चौराहा - फोटो : अमर उजाला
भगवान टाकीज चौराहा : थाना न्यू आगरा के सामने सड़क पर रखे वाहन नहीं हटाए जा सके। इन वाहनों से रास्ता अवरुद्ध होता है। थाने में आने वाले लोगों के वाहन भी सड़क पर खड़े हो रह हैं। थाने के आसपास भी यही स्थिति है। प्राइवेट बसों के रुकने के बाद आटो और रिक्शे भी खड़े हो रहे हैं। जाम के समय ट्रैफिक स्क्वैड भी कहीं नजर नहीं आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सड़क पर बन रही जाम - फोटो : अमर उजाला
यह थी शिकायत
सड़कों पर अवैध अतिक्रमण, शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होना, निर्धारित वेंडिंग जोन का नहीं होना, जुगाड़ वाहनों का प्रयोग, अनावश्यक गाड़ियों की चेकिंग, अवैध वसूली, नो एंट्री में भी भारी वाहनों का प्रवेश, ट्रैफिक कर्मियों का चौराहों पर नजर नहीं आना।

यह दिए थे सुझाव
चौराहों से 50 और 100 मीटर की दूरी पर ठेल ढकेल, आटो-रिक्शा, ई रिक्शा का न होना। सवारी वाहनों के लिए निश्चित स्थान बनाना। नो एंट्री और वनवे का निर्धारण करना। सब्जी मंडियों को व्यस्त चौराहे से अलग स्थापित करना। मल्टीलेबल पार्किंग का निर्माण करना। सड़कों का निर्माण कराना, अनावश्यक पोल हटाना, टूटे डिवाइडर बनाना, बंद ट्रैफिक लाइट को चालू कराना, जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण, ट्रैफिक सिग्नल से ही ट्रैफिक का संचालन करना आदि सुझाव दिए गए थे।
एटा में खाद की किल्लत: डीएपी न मिलने पर महिला किसान खिड़की पर लटकीं, किसानों से हुई मारपीट
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें