सैलानियों की सबसे ज्यादा संख्या महताब बाग में 116 और सबसे कम मरियम टूम में केवल 4 दर्ज की गई। दूसरे दिन भी स्मारकों में सुबह 11 बजे तक तो सन्नाटा पसरा रहा लेकिन उसके बाद धीमे-धीमे पर्यटकों का आना शुरू हुआ।
सैलानियों में जितनी दीवानगी ताजमहल के लिए है, उतनी किसी और स्मारक की नहीं। ताजमहल बंद पड़ा है लेकिन उसे दूर महताब बाग से निहारने के लिए जितने सैलानी आ रहे हैं, उतने खुले हुए छह स्मारकों में से किसी में नहीं आ रहे। इसी वजह से पर्यटन उद्यमियों ने प्रशासन से ताजमहल को खोलने की मांग की है।
विज्ञापन
2 of 6
सिकंदरा के अकबर टूम पर मास्क लगाए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
स्मारकों को खोले जाने के बाद बुधवार को शहर के छह स्मारकों सिकंदरा, सीकरी, महताब बाग, एत्माद्दौला, रामबाग और मरियम टूम में पर्यटकों की संख्या 298 रही, जबकि पहले दिन यह संख्या 277 थी। दूसरे दिन करीब 21 पर्यटक बढ़े। सैलानियों की सबसे ज्यादा संख्या महताब बाग में 116 और सबसे कम मरियम टूम में केवल चार दर्ज की गई। दूसरे दिन भी स्मारकों में सुबह 11 बजे तक तो सन्नाटा पसरा रहा लेकिन उसके बाद धीमे-धीमे पर्यटकों का आना शुरू हुआ। सिकंदरा में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई जबकि महताब बाग में मंगलवार की तुलना में सैलानी कम आए।
विज्ञापन
3 of 6
सिकंदरा के अकबर टूम पर आए कम सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा में बढ़े सैलानी आगरा
दिल्ली-मथुरा से आगरा होकर निकलने वाले लोगों के लिए सिकंदरा स्मारक मुफीद रहा है। यही वजह रही कि दूसरे दिन अकबर का मकबरा सिकंदरा में पर्यटकों की संख्या 73 से बढ़कर 97 हो गई। रामबाग, एत्माद्दौला और फतेहपुर सीकरी में भी मंगलवार के मुकाबले बुधवार को पर्यटकों की संख्या में थोड़ा सा इजाफा हुआ है। हालांकि फतेहपुर सीकरी में और रामबाग में सबसे ज्यादा स्थानीय पर्यटक ही पहुंचे।
4 of 6
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
मुझे तो ताज देखना था
मुझे तो केवल ताजमहल देखना था तो हमारे परिचित में हमें महताब बाग जाने की सलाह दी। यहां से ताजमहल देख कर अच्छा लगा लेकिन इसे अगली बार देखने जरूर आऊंगी। - सीमा विश्वास, पर्यटक
विज्ञापन
5 of 6
महताब बाग से ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में सभी स्मारक खुले
दिल्ली में तो सभी स्मारक खुले हैं। मैं सोच कर आया था कि आगरा में काम निपटाने के बाद ताजमहल देखकर लौटूंगा लेकिन मुझे महताब बाग से ही देखना पड़ा। अंदर शाहजहां मुमताज की कब्र देखने की इच्छा थी पर कोई बात नहीं है। अब जब स्मारक पूरी तरह खुलेंगे, तभी आएंगे। - उमेश राठी, पर्यटक, दिल्ली