फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. जगदीश सिंह यादव के बेटे राकेश यादव (73) ने शनिवार रात अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी राममूर्ति (68) को गोली मार अपने सिर में भी गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि पत्नी ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ा।
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राकेश यादव और पत्नी राममूर्ति की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के आदर्श कृष्ण (एके) इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक राकेश यादव की दुखद मौत के पीछे जिस कानूनी शिकंजे की बात सामने आ रही है। उन पर मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। रिश्ते में उनके भतीजे डाहिनी निवासी राहुल यादव की शिकायत पर पुलिस ने राकेश यादव के खिलाफ कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करने, वित्तीय अनियमितताएं बरतने और कॉलेज के धन का दुरुपयोग करने की गंभीर धाराओं में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे के अनुसार, राकेश यादव पर कॉलेज की कृषि भूमि से हर साल होने वाली 2 लाख 60 हजार रुपये की सरकारी आय का रिकॉर्ड गायब करने और कॉलेज के बैंक खातों से अलग-अलग समय में लाखों रुपये निकालकर गबन करने का गंभीर आरोप था।
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हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी मुकदमे की कानूनी विधिक कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर ने अंततः इस दुखद घटना का रूप ले लिया। इसके अलावा शिकायतकर्ता का आरोप था कि राकेश यादव ने कूट रचित दस्तावेज तैयार किए और जालसाजी के सहारे अवैध रूप से कॉलेज के प्रबंधक बन बैठे।
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मां की हत्या और पिता की खुदकुशी के बाद जानकारी देतीं बेटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकंद प्रसाद ने 15 मई 2021 को पत्र भेजकर 18 जनवरी 2021 को हुए निर्वाचन से जुड़े मूल विधिक अभिलेख मांगे थे लेकिन राकेश यादव ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए थे। शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत डीआईओएस कार्यालय से जानकारियां निकालीं थीं। इसके बाद विभाग द्वारा कराई गई उच्च स्तरीय जांच की रिपोर्ट 20 मई 2024 को सामने आई, जिसमें पूर्व प्रबंधक को फर्जी दस्तावेज तैयार कर अनुचित लाभ लेने और कॉलेज के खातों में हेराफेरी करने का दोषी पाया गया था।
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हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता के खिलाफ रची गई बड़ी साजिश, बेटी का गंभीर आरोप
मृतक पूर्व प्रबंधक राकेश यादव की बड़ी बेटी गरिमा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी सियासी और व्यक्तिगत साजिश करार दिया। गरिमा ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उन्हें इस आत्मघाती कदम को उठाने के लिए मजबूर किया गया और इस प्रताड़ना के पीछे क्षेत्र के बड़े राजनीतिक रसूखदारों का हाथ है।
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हत्या और खुदकुशी मामले की जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गरिमा ने पुलिस और मीडिया के सामने कहा, मेरे पिता को चारों तरफ से घेरकर प्रताड़ित करने में विरोधियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शिकोहाबाद क्षेत्र के ही एक पूर्व विधायक इस पूरे मामले में सक्रिय थे। वह लगातार हमारे खिलाफ और विरोधी पक्ष के समर्थन में थानों से लेकर कोर्ट तक पैरवी कर रहे थे। उन्हीं के दबाव और शह के कारण हमारे पक्ष को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया था।
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राकेश यादव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गरिमा ने केवल पूर्व विधायक ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के एक अन्य माननीय (वर्तमान जनप्रतिनिधि) का नाम लेते हुए भी गंभीर आरोप लगाए। गरिमा का दावा है कि उनके पिता के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने वाला उक्त माननीय का बेहद करीबी है। उसी नजदीकी का फायदा उठाकर माननीय के इशारे पर हर स्तर से केस की मजबूत पैरवी कराई जा रही थी, ताकि बुजुर्ग पिता को कूट रचित मामले में बुरी तरह फंसाकर जेल भिजवाया जा सके।
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हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी द्वारा सीधे तौर पर क्षेत्र के पूर्व विधायक और एक अन्य रसूखदार नेता का नाम लिए जाने के बाद से इस पूरे मामले में सियासी भूचाल आ गया है। इधर, कांग्रेस भी इसे सियासी तूल देने के मूड में आ गई है। शनिवार रात घटना के बाद कई कांग्रेसी नेता उनके घर व अस्पताल में पहुंचे।
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राममूर्ति की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिवॉल्वर की होगी बैलेस्टिक जांच, पुलिस ने की सीज
शिकोहाबाद पुलिस ने विधिक और वैज्ञानिक कार्रवाई देर रात ही शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई राकेश यादव की लाइसेंसी रिवॉल्वर को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीज किया। इस रिवॉल्वर को आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जहां इसकी गहन बैलेस्टिक जांच कराई जाएगी। एसपी देहात अनुज चौधरी ने बताया कि बैलेस्टिक जांच का मुख्य घटनाक्रम की वैज्ञानिक पुष्टि करना है।
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हत्या और खुदकुशी मामले की जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लैब में इस बात की तकनीकी जांच की जाएगी कि घटना के वक्त रिवॉल्वर से कितनी गोलियां फायर की गईं। इसके साथ ही, दोनों मृतकों के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान जो बुलेट बरामद होंगे, उनका मिलान इस सीज की गई रिवॉल्वर के बैरल के निशानों से कराया जाएगा।
former mla son suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इससे यह पूरी तरह प्रमाणित हो जाएगा कि दंपती को लगी गोलियां इसी लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली थीं। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए थे। टीम ने रिवॉल्वर की बॉडी और ट्रिगर से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) भी लिफ्ट किए हैं। इसका मिलान मृतक राकेश यादव के हाथों के निशानों से कराया जाएगा।