बारिश और ओलावृष्टि होने से सर्दी बढ़ गई है। ऐसे में इंसान ही नहीं भगवान भी ठंड से ठिठुरने लगे हैं। मथुरा में भक्तों ने भगवान को सर्दी से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन करना शुरू कर दिए हैं। मंदिरों में ठाकुर जी के सामने हीटर जलाए जा रहे हैं। उन्हें गर्म वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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ठाकुरजी की गर्म पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
भक्त बाजार से रजाई, गर्म कपड़े, दस्ताने, टोपी, जर्सी आदि भगवान के लिए खरीद रहे हैं। प्रभु को बादाम, काजू, पिस्ता का भोग लगाया जा रहा है। दूध में भी केसर की मात्रा बढ़ा दी गई है। वहीं प्रमुख मंदिरों में भगवान को सर्दी से बचाने के लिए अंगीठी व हीटर लगाए गए हैं।
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दानघाटी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन के प्रमुख दानघाटी मंदिर में ठाकुर जी को सर्दी से बचाने के लिए सेवायतों ने गर्म हीटर लगाए हैं। सायंकालीन बेला में गिरिराज प्रभु के बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण के शृंगार में दर्शन होते हैं। सेवायत पवन कौशिक ने बताया कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने महज सात साल की उम्र ही गिरिराज पर्वत को धारण किया था। श्रीकृष्ण के स्वरूप में गिरिराज जी विराजमान हैं।
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गर्म पोशाक खरीदती श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सेवायत ने बताया कि जैसे बालक को सर्दी व ठिठुरन से बचाया जाता है वैसे शृंगार में विराजमान प्रभु को सर्दी से बचाया जाता है। उनको गर्म प्रसादी का भोग लगाया जाता है। भोग में सौंठ की मठरी, मगध के लड्डू की गर्म तासीर की प्रसादी का भोग लगाया जाता है।
बाजार में आई तरह तरह की गर्म पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
भोपाल निवासी पवन शर्मा पत्नी मंजू शर्मा के साथ ठाकुर जी के करने श्रीधाम राधाकुंड पहुंचे। उन्होंने अपने आराध्य के लिए बाजार से एक अंगीठी व हीटर और ऊनी पोशाक खरीदी। गिरिराज मंदिर के सेवायत रितेश दीक्षित ने बताया कि सर्दी में शाम को गिरिराज जी के भोग में सूखी मेवा व केसर मिश्रित दूध का भोग लगाया जा रहा है।