सर्दी के सीजन का पहला घना कोहरा गुरुवार को नजर आया। रात से ही शुरू हुई कोहरे की चादर ने सुबह तक पूरे जिले को आगोश में ले लिया। सुबह कोहरा ऐसा घना रहा कि पुरानी कहावत की तरह हाथ को हाथ न सूझ पाया।
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कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
सर्दी, घने कोहरे में लोगों के बदन सिकुड़े रहे, वो गरम कपड़ों से लदे हुए ही बाहर निकले। कोहरे में दृश्यता शून्य रही, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह स्कूल के वाहन रेंगकर चले। ट्रेनें घंटों देरी से चलीं और कोहरे के कारण ताजमहल भी दोपहर तक नजर न आ पाया।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल को सूर्योदय के समय देखने की हसरत लिए आए विदेशी सैलानियों को कोहरे के कारण मायूस होना पड़ा। सुबह बेहद घना कोहरा देखा तो सैलानियों की ख्वाहिश अधूरी रह गई। ताजमहल पहुंचे तो रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म और रॉयल गेट से यह नजर ही न आया।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
कई विदेशी अपने गाइड से पूछते दिखे कि ताज कहां है। सेंट्रल टैंक के आगे जाने पर ताज की हल्की झलक नजर आई। बेहद घने कोहरे के कारण सेंट्रल टैंक की डायना सीट पर बैठकर ताज फोटो में नहीं आ पाया।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12 बजे धूप निकलने के बाद ताज का अक्श नजर आया तो सैलानियों ने सेल्फी लीं। यही हाल अन्य स्मारकों का रहा। आगरा किला, सिकंदरा, एत्माद्दौला, फतेहपुर सीकरी घने कोहरे में सड़क से भी नजर न आ पाए।
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ठंड
- फोटो : अमर उजाला
घने कोहरे और बादलों की लुकाछिपी के बीच गुरुवार को आगरा प्रदेश भर में सबसे ठंडा शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।
सूबे के अन्य शहरों में तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच बना रहा, वहीं आगरा में यह सामान्य से नीचे रहा। पूरे दिन कोहरा छाया रहा। शाम को भी कोहरे की दस्तक जल्द ही हो गई और रात में 9 बजे तक दृश्यता 100 मीटर से कम हो गई।