दुनिया के सातवें अजूबे के साथ अपनी यादें सहेजने के लिए सैलानी ताजमहल पहुंच रहे हैं, लेकिन धवल संगमरमरी ताज पर कमीशन के खेल से फोटोग्राफर और गाइडों का कॉकस दाग लगा रहा है।
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पर्यटकों से मोलभाव करता फोटोग्राफर
- फोटो : अमर उजाला
ताज के साथ यादगार फोटो खिंचवाने के लिए 50 रुपये तय किए गए हैं, लेकिन विदेशी सैलानियों से हर फोटो के दो डॉलर वसूले जा रहे हैं। डॉलर के इसी खेल में गाइड और फोटोग्राफर के बीच विवाद हो रहे हैं, जिसका धक्का ताज को लग रहा है।
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ताजमहल पर पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
चार जुलाई को अमेरिकी सेना के मेजर के साथ ताजमहल में हुई घटना में कमीशन के खेल की शिकायत भारतीय पुरातत्व स्मारक फोटोग्राफर्स एसोसिएशन ने पर्यटन पुलिस से की है। यह पहला मामला नहीं, जब विदेशी पर्यटक से हर फोटो के 2 डॉलर यानी 140 रुपये प्रति फोटो के लिए गए हों, जबकि ताज में फोटो के लिए तय धनराशि 50 रुपये है। वह भी तब, जब पर्यटक को तुरंत फोटो चाहिए। कुछ समय के बाद फोटो लेने के लिए 40 रुपये ही तय हैं। एसोसिएशन ने पुलिस से की शिकायत में साफ कहा है कि गाइड का कमीशन फोटो में शामिल है, लेकिन पुलिस ने मामले में समझौता करा दिया। ताज में 250 से ज्यादा फोटोग्राफर और 1250 से ज्यादा गाइड हैं।
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ताजमहल पर आने वाले सैलानियों से मोलभाव करता एक लपका
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के अंदर गाइड और फोटोग्राफरों के बीच कमीशन के ऐसे ही विवाद में तीन बार मारपीट हो चुकी है। अपने विवाद को गाइड हर बार विदेशी सैलानी के साथ दुर्व्यवहार बताकर ताज की छवि खराब कर रहे हैं। अप्रैल में जर्मनी के पर्यटक के साथ भी फोटो के ज्यादा पैसे वसूलने पर विवाद हुआ था, वहीं फोरकोर्ट में भारतीय पर्यटक के साथ भी कमीशन के कारण मारपीट हो गई थी।
शमशुद्दीन, अध्यक्ष, आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन का कहना है कि ताज में ऐसी घटनाओं से बचना है तो प्री-पेड सिस्टम लागू करना होगा। हर जगह काउंटर से बुकिंग होती है तो ताज में क्यों नहीं। ताज की छवि पर दाग लगने की जगह प्री-पेड सिस्टम शुरू करें, जिससे ओवरचार्ज और कमीशन खत्म हो जाएगा।